प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्टार्ट अप अभियान से रुउ़की के दो युवा इंजीनियरों ने दिशा ली। मैकेनिकल और आईटी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुके अमित और विवेक ने कैंपस प्लेसमेंट में नामचीन कंपनियों के ऑफर को ठुकरा दिया।
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PM मोदी को किया फॉलो तो बदले इन इंजीनियरों के दिन
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उन्होंने पॉकेट मनी से बचाए गए 40 हजार रुपये से ‘देसी मिस्त्री’ के नाम से चलता-फिरता गैराज खोला। मात्र 99 रुपये में घर या दफ्तर आकर बाइक की सर्विस करने का यह काम चल पड़ा।
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अभी उनकी टीम में पांच शिक्षित और अनुभवी ऑटोमाबाइल मैकेनिक हैं। अब वे वेबसाइट लांच कर मुद्रा योजना से कर्ज लेकर पूरे देश में देसी मिस्त्री को विस्तार देने जा रहे हैं।
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अमित और विवेक ने चलता फिरता गैराज शुरू करने से पहले लोगों की राय ली। सर्वे कर जाना कि सर्विस कहां, कितने दिन में कराते हैं और इसमें क्या परेशानियां आती हैं।
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यदि घर आकर सर्विस शुरू की जाए तो क्या उन्हें मौका देंगे। जवाब में 90 फीसदी लोगों ने हामी भर दी। अब उनकी सेवा के कद्रदान भी बढ़ते जा रहे हैं।
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अमित और विवेक ने बताया कि एक बार कॉल करने के बाद वाहन की दिक्कत हमेशा के लिए दूर करने की जिम्मेदारी हमारी है। जॉब कार्ड बनाने के बाद 48 घंटे बाद फीडबैक लेने के लिए कॉल की जाती है।
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उन्होंने कहा कि मामूली दिक्कत आने पर मुफ्त ठीक कर दी जाती है। इसके बाद अगले दो महीने में कॉल करते हुए खुद वाहन की सर्विस की याद भी दिलाई जाती है।
(स्टोरीः मेहताब आलम/ अमर उजाला, रुड़की)