इसके बाद उन्होंने रेलवे फ्लाईओवर का निरीक्षण कर ट्रैक की लंबाई और चौड़ाई की जांच कराई। मेन और डाउन लाइन में कमी मिलते पर एक सप्ताह के अंदर दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके बाद वे पूर्वी केबिन पहुंचे।
यहां केबिन परिसर में न तो घड़ी लगी थी और न ही केबिन मास्टर हरप्रसाद वर्दी में मिला। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए केबिन मास्टर और स्टेशन अधीक्षक को फटकार लगाई। उन्होंने केबिन में घड़ी लगाने और केबिन मास्टर को वर्दी में ड्यूटी करने के निर्देश दिए।
रेलवे स्टेशन पर पानी की टंकी पर टोंटी गायब और टूटी देख भी उन्होंने नाराजगी जताई और जल्द ही सही करने के निर्देश दिए। रेलवे स्टेशन पर जगह-जगह गंदगी देख मंडल रेल प्रबंधक ने अधिकारियों को फटकार लगाई।
इसके बाद वह सहारनपुर रवाना हो गए। इस अवसर पर सीनियर डीएसओ आरके तायल, सीनियर डीएसई नितिन प्रकाश सीनियर डीएन-1 एके सिंह, स्टेशन अधीक्षक एसके वर्मा, सीनियर सेक्शन इंजीनियर वीके गुप्ता, आरपीएफ चौकी प्रभारी शिवदयाल मीणा आदि मौजूद रहे।
मुरादाबाद मंडल के डीआरएम तरुण प्रकाश शनिवार को औचक निरीक्षण करने पहुंचे तो स्टेशन के बाहर महीनों से बंद पड़ा ऐतिहासिक स्टीम इंजन भी चल गया। इंजन से छुकछुक की आवाज निकली तो सीटी भी बजी। इसके अलावा फव्वारे ने भी अपना रंग दिखाया।
दूसरी ओर, लोको निरीक्षक बृजपाल सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन के बाहर ऐतिहासिक स्टीम इंजन रखा गया है, जो प्रत्येक शनिवार को चलता है। इसका रंगरोगन कराया गया है और शनिवार को यह चला तो देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी।