रोहित शेखर तिवारी
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11 अप्रैल को वह हल्द्वानी आए और राहुल का हाथ मजबूत करने की बात करते हुए कांग्रेस को ही अपना भविष्य बताया था। अब लोगों को क्या पता था कि राजनीति का यह सितारा उगने से पहले ही अस्त हो जाएगा। वर्ष 1995 में छह साल का बेटा जब अपनी मां के साथ राजनीति के शिखर पुरुष से मिलने पहुंचा तो उसे पता नहीं था कि जिनसे वह मिलने जा रहा है वह उसके पिता हैं, लेकिन सुरक्षा गार्ड उन्हें एक बैठक का हवाला देकर पूर्व सीएम एनडी तिवारी से मिलने नहीं दिया।