फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बस हादसा: सुबह बहन से राखी बंधवाई, जीवनभर रक्षा का दिया वचन; शाम को दो भाइयों ने दुनिया को कहा अलविदा

Sat, 29 Aug 2026 01:00 AM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश

सार

ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर शुक्रवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया। तीर्थयात्रियों को लेकर खारास्रोत पार्किंग से हरिद्वार जा रही बस भद्रकाली से आगे ढलान पर ब्रेक फेल होने के कारण पलट गई। वहीं सड़क किनारे बैठे दो चचेरे भाई बस की चपेट में आ गए, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
विज्ञापन
1 of 5
ऋषिकेश बस हादसा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
रक्षाबंधन के दिन जिन बहनों की कलाई पर भाई ने राखी बंधवाई थी, उन्हें क्या पता था कि कुछ ही घंटों बाद वही भाई उनसे हमेशा के लिए दूर हो जाएंगे। सुबह बहन से राखी बंधवाकर जीवनभर उसकी रक्षा का वचन देने वाले दो चचेरे भाई शुभम और ऋषभ शाम को एक दर्दनाक सड़क हादसे में दुनिया छोड़ गए। भद्रकाली के समीप हुए बस हादसे ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए और रक्षाबंधन की खुशियों को मातम में बदल गई।
विज्ञापन

2 of 5
बस के नीचे दबे भाइयों को निकालती टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शुक्रवार देर शाम करीब साढ़े आठ बजे ऋषिकेश से हरिद्वार जा रही एक बस भद्रकाली मोड़ के समीप अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इसी दौरान सड़क किनारे अपनी स्कूटी खड़ी कर बैठे शुभम (26) पुत्र कुंदन सिंह बिष्ट और ऋषभ (34) पुत्र विक्रम सिंह बिष्ट निवासी गली नंबर-6, गणेश विहार, गंगानगर ऋषिकेश बस की चपेट में आ गए।

रुड़की के यूट्यूबर की सड़क हादसे में मौत: नई बाइक लेकर जा रहा था पांवटा साहिब; डिवाइडर से टकराई, चली गई जान
विज्ञापन

3 of 5
हादसे के बाद अस्पताल में लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसा इतना भयावह था कि दोनों चचेरे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। रक्षाबंधन का दिन दोनों परिवारों के लिए सुबह तक खुशियों से भरा था। घर में बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी।

4 of 5
हादसे के बाद अस्पताल में घायल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भाईयों ने भी परंपरा निभाते हुए बहनों की रक्षा का वचन दिया और उनके सुख-दुख में हमेशा साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। शाम होते-होते घर की खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
हादसे के बाद मौके पर पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिन बहनों ने सुबह भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके लंबे जीवन की कामना की थी, उन्हें रात में उनके निधन की खबर मिली। राखी के धागे का वह वचन कुछ ही घंटों में ऐसी याद बन गया, जिसे परिवार जीवनभर अपने सीने में लेकर चलेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें