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नोटबंदी को लेकर रिजर्व बैंक की रिपोर्ट में हुआ ऐसा खुलासा, जिसे जानना है आपके लिए बेहद जरूरी

Wed, 08 Nov 2017 06:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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भारतीय रिजर्व बैंक - फोटो : WordPress
आठ नवंबर 2016 को देश में नोटबंदी होने के बाद रिजर्व बैंक की रिपोर्ट में ऐसा खुलासा हुआ है जिसे जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
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rupees note
रिपोर्ट में केंद्र सरकार के ई-पेमेंट को बढ़ावा देने का असर देशभर में नजर आया है। उत्तराखंड के भी शहरी क्षेत्रों में ई-भुगतान का प्रचलन बढ़ा है। रिजर्व बैंक की वर्ष 2016-17 की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड के शहरी क्षेत्रों में ई-भुगतान में करीब 60 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है।
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एटीएम से पांच सौ के कटे नोट निकलने से लोग परेशान हो गए। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
नोटबंदी के बाद कैश लेन-देन के मामलों में शहरी क्षेत्र के लोगों के बीच काफी जागरूकता आई है। आरबीआई की रिपोर्ट भी इस ओर इशारा कर रही है कि लोग अब नगद भुगतान के बजाए आरटीजीएस, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या प्रीपेड पेमेंट से अपने भुगतान कर रहे हैं। उत्तराखंड के परिपेक्ष्य में देखें तो यहां भी देहरादून सहित सभी शहरी क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान में बीते एक साल में तेजी दर्ज की गई है।

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यहां कार्ड से भुगतान के मामलों में करीब 60 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है। इसी प्रकार, आरटीजीएस, एनईएफटी से भुगतान के मामले में भी 40 से 60 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है। बैंकिंग विशेषज्ञ हेमंत एस के मुताबिक निश्चित तौर पर यह नोटबंदी का ही असर है कि बाजार से हार्ड कैश अपेक्षाकृत काफी कम हो गया है।
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online booking
अब लोग अपनी जरूरतों के कामों में सीधे कार्ड से भुगतान को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता न होने और बैंकों का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत न होने की वजह से ई-भुगतान प्रचलन में नहीं आ पाया है। पंजाब नेशनल बैंक के मंडल प्रमुख अनिल खोसला के मुताबिक ई-भुगतान को लेकर बैंक भी काफी गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं, जिसका नतीजा सामने आ रहा है।
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में डिजिटल पेमेंट की राह में कार्ड की अनुपलब्धता हालांकि रुकावट बन रही है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड में कुल बचत और चालू खातों की संख्या एक करोड़ 42 लाख, 15 हजार 66 है, जिनमें से अभी तक 76 लाख 85 हजार 738 खाताधारकों के पास ही एटीएम या रुपे कार्ड है। बैंकों के सामने अभी बाकी के करीब आधे खातों को कार्ड जारी करने की चुनौती है।
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ऑनलाइन फ्रॉड - फोटो : फाइल फोटो
देश में कार्ड से पेमेंट पर एक नजर (संख्या करोड़ में)
कार्ड सिस्टम    2014-15    2015-16    2016-17
क्रेडिट कार्ड    61.51    78.57    108.71
डेबिट कार्ड    80.81    117.36    239.93
प्रीपेड पेमेंट    31.45    74.80    196.37
आरटीजीएस    9.28    9.83    10.78
एनईएफटी    92.75    125.29    162.21
(रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट 2016-17 के मुताबिक)

 
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