राशन की दुकानों को सीएससी के रूप में डेवलप करके वहां पर सरकारी, प्राइवेट और सोशल सेक्टर के सभी तरह के प्रमाणपत्र, आवेदन पत्र और यूटिलिटी बिल का भुगतान किया जा सकेगा। बिजली का बिल जमा होगा, रेलवे टिकट बुक कराया जा सकेगा, जिसका कमीशन दुकानदारों को मिलेगा।