पुलिस की तरफ से 24 राउंड फायरिंग का दावा किया गया था, जिसमें सात की मौत हुई थी और 17 आंदोलनकारी जख्मी हुए थे। यानी पुलिस का एक भी निशाना चूका नहीं था। पृथक राज्य की मांग को लेकर उत्तराखंड के आंदोलनकारी 24 बसों में दिल्ली में दो अक्तूबर को प्रस्तावित रैली में भाग लेने जा रहे थे।