फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

माली हालत अच्छी नहीं, फिर भी पीएम मोदी की मसाज कर चुके महमूद ने राम मंदिर के लिए खुशी-खुशी चंदे में दिए रुपये

Mon, 18 Jan 2021 09:53 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal सुनील सिलवाल, अमर उजाला, मसूरी

सार

  • बोले-11 हजार होते तो भी राम मंदिर निर्माण के लिए दे देता  
विज्ञापन
1 of 5
महमूद हसन - फोटो : amar ujala
भट्टा क्यारकुली गांव निवासी महमूद हसन की मसूरी में खूब वाहवाही हो रही है। खुद की माली हालत बहुत अच्छी नहीं है फिर भी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए 70 वर्षीय महमूद हसन ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए खुशी-खुशी 11 सौ रुपये चंदे में दे दिए।
विज्ञापन

2 of 5
संबोधित करते पीएम मोदी - फोटो : यूट्यूब स्क्रीनग्रैब
महमूद कहते हैं कि अगर उनके पास 11 हजार रुपये होते तो भी वह राम मंदिर के लिए देने से पीछे नहीं हटते। महमूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी प्रशंसक हैं। उनका दावा है कि उन्होंने मसूरी में प्रवास के दौरान मोदी की मसाज की थी। अमर उजाला को महमूद हसन ने बताया कि वह हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रबल पक्षधर हैं।
विज्ञापन

3 of 5
महमूद हसन - फोटो : amar ujala
दरअसल 1972 में जब वह मसूरी आए थे तो क्यारकुली गांव के डालू भाई, रतन और प्रेम सिंह ने उनकी बहुत मदद की थी। उस समय उनके पास सिर्फ 20 रुपये थे। महमूद हसन कहते हैं कि जब भी उनके जीवन में कोई संकट आया तो हिंदू भाइयों ने ही उनकी मदद की। लॉकडाउन के दौरान भी गांव के राकेश रावत सहित कई लोगों ने सहयोग किया।

4 of 5
श्रीराम मंदिर निर्माण - फोटो : अमर उजाला (file photo)
मसूरी के एक होटल में काम करने वाले महमूद ने बताया कि 2009 में जब नरेंद्र मोदी मसूरी आए थे तो उनकी मसाज की थी। वह कहते हैं कि मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं। बताया कि मंदिर निर्माण के लिए कुछ युवा गांव में कूपन काट रहे थे, तब मैने भी गांव के राकेश रावत से सहयोग करने की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
श्रीराम मंदिर निर्माण - फोटो : अमर उजाला (file photo)
इस पर कुछ युवा संकोच भी कर रहे थे, लेकिन राकेश रावत ने खुशी जताई और कहा कि आप भी सहयोग कर सकते हैं। महमूद कहते हैं कि मंदिर निर्माण के लिए दान देने से मुझे बड़ी खुशी हुई है। महमूद हसन मूल रूप से छुटमलपुर उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। वहीं, महमूद के बेटे नौशाद अली का कहना है कि हमें खुशी हुई कि उनके पिता ने श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए सहयोग किया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें