विद्यालय के कमरों में बैठना एक प्रकार से सजा भुगतने के बराबर है। शिक्षक व छात्र-छात्राएं बदबू व जलभराव की स्थिति से अजिज आ चुके हैं। शिक्षा विभाग से लेकर जिलाधिकारी तक लिखित व मौखिक रूप से शिकायत कर चुके हैं। लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
- मुसाहिद हुसैन, प्रधानाध्यापक राप्रावि, चंद्रेश्वरनगर