शहीद वीरेंद्र सिंह
शहीद के घर मोहम्मदपुर भुड़िया से श्मशान घाट तक करीब आठ किमी तक अंतिम यात्रा में शहीद की एक झलक पाने और श्रद्धांजलि देने के लिए लोग उमड़ पड़े। इस बीच, प्राथमिक और माध्यमिक समेत कई निजी स्कूलों के बच्चों ने सड़क से सटे स्कूल से निकलकर कतार खड़े होकर शहीद को श्रद्धांजलि दी और ‘जब तक सूरज-चांद रहेगा, शहीद वीरेंद्र तेरा नाम रहेगा’ के नारे लगाए।