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बेटे के सिर सेहरा सजाने की थी तैयारी, आ गई शहादत की खबर, एक दिन पहले ही मां-पिता से हुई थी ये बातें

Tue, 19 Feb 2019 04:34 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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शहीद चित्रेश बिष्ट (फाइल फोटो)
देहरादून निवासी मेजर चित्रेश सिंह कश्मीर के राजौरी में आईईडी धमाके में शहीद हो गए। मां बेटे के सिर सेहरा सजाने की तैयारी कर रही थी, लेकिन शहादत की खबर सुनकर बेसुध हो गईं। पिता का तो बस बेटे से आखिरी बात हुई बातें याद कर रो-रोकर बुरा हाल है। 
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martyr chitresh bisht
मेजर चित्रेश मऊ में ट्रेनिंग पूरी करने के बाद हाल ही में घर आया था। दो फरवरी को चित्रेश देहरादून से ड्यूटी पर गया था। पिता एसएस बिष्ट उसी दिन को याद कर रोए जा रहे हैं। उन्होंने चित्रेश से कहा था कि वह अब तो शादी के लिए छुट्टी ले ले, लेकिन वो पोस्टिंग पर राजौरी चला गया। मेजर चित्रेश का जवाब था कि 28 फरवरी को वह वापस आकर शादी की बाकी तैयारियां पूरी कर लेगा। 
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martyr Chitresh Bisht
एसएस बिष्ट का शुक्रवार को जन्मदिन था। बेटे चित्रेश ने उन्हें फोन कर बधाई दी थी। इस दौरान उन्होंने अपनी मां से भी काफी देर बात की। मां ने भी छुट्टी लेकर जल्द से जल्द घर आने को कहा था, लेकिन मां को उन्होंने चिंता न करने की बात कहते कुछ दिन में पहुंचने का आश्वासन दिया था। बिष्ट का कहना था कि रोजमर्रा ही बेटे से बात हो जाती थी।

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शहीद चित्रेश बिष्ट (फाइल फोटो)
चित्रेश की शादी की लगभग सारी तैयारियां हो चुकी थीं। जीएमएस रोड स्थित एक होटल की बुकिंग के अलावा तमाम खरीददारी भी हो चुकी थी। बिष्ट शनिवार को ही अपनी रिश्तेदारी में कार्ड बांटने गए थे। मेजर चित्रेश के शहादत की खबर से खुशियां मातम में तब्दील हो गई। चित्रेश को याद कर अब मां और पिता की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
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chitresh singh
परिवार के मुताबिक चित्रेश बचपन से ही काफी होनहार थे। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई सेंट जोसेफ स्कूल से की थी और फिर एनडीए की परीक्षा पास कर सेना की राह चुनी। मेजर रैंक के लिए हुई विभागीय परीक्षा में उनका ऑल इंडिया में नौंवा स्थान था। मऊ में ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने 25 बम डिफ्यूज कर उत्तम अधिकारियों में नाम शामिल किया था।
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chitresh singh
मेजर चित्रेश बिष्ट की शहादत की खबर सुनते ही ताड़ीखेत ब्लॉक स्थित उनके पैतृक गांव पीपली में मातम छा गया। ग्राम प्रधान रमेश बिष्ट ने बताया कि शादी विवाह और पूजा पाठ के लिए परिवार अक्सर पीपली गांव आते रहता है। शहीद के पिता सेवानिवृत्त कोतवाल एसएस बिष्ट चार भाई हैं। 
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chitresh singh
एक भाई राजेंद बिष्ट की नैनीताल में स्टेशनरी की दुकान हैं, जबकि एक भाई यहां तिपौला में दुकान चलाते हैं। ग्राम प्रधान रमेश बिष्ट ने बताया कि आतंकी गतिविधियों से लगातार देश का माहौल बिगड़ रहा है। युवाओं में भारी आक्रोश है। इसी की भेंट गांव निवासी मेजर चित्रेश बिष्ट भी चढ़े हैं। अब आतंक की कमर तोड़ने का समय आ गया है।
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