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पुलवामा एनकांउटर: शहीद मेजर की छोटी सी लव स्टोरी ने दुनिया को किया भावुक, पढ़कर भीग जाएंगी आंखें

Thu, 21 Feb 2019 08:23 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
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martyr major vibhuti dhaundiyal, nikita dhaundiyal
18 अप्रैल 2018 को ही  मेजर विभूति का विवाह निकिता से हो गया। विभू,19 अप्रैल को पहली बार निकिता को लेकर डंगवाल मार्ग वाले घर पहुंचे थे। दोनों की इस छोटी लव स्टोरी से देश ही नहीं पूरी दुनिया भावुक हो गई है। 
 
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ensaf haidar
अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार कार्यकर्ता इंसाफ हैदर ने अपने ट्विटर पर शहीद मेजर विभूति ढौंडियाल के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की। उन्होंने शहीद की शादी की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा। प्रिया निकिता कॉली, मैं एक कनाडियन बीवी हूं जिसने अपना पति खो दिया और अब रोज उनका इंताजर करती हूं। मैं तुम्हारा दुख समझ सकती हूं। तुम्हारे पति शहीद मेजर ढौंडियाल केवल तुम्हारे और भारत के ही नहीं बल्की पूरी दुनिया के हीरो हैं।
 
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अपनी पत्नी की साथ शहीद मेजर - फोटो : फाइल फोटो
मेजर विभूति और निकिता की छोटी सी लव स्टोरी: 19 अप्रैल 2018-19 फरवरी 2019। बस दस महीने। निकिता की वीरान आंखें फूलों से सजी मेजर की तस्वीर पर अटक गई। वक्त की मार से बेजार उसके चेहरे पर न जाने कितने रंग आ-जा रहे थे। वह गुलाबी-सा रंग था, शायद वह उस दिन के पायदान पर खड़ी थी, जब मेजर उसे ब्याह कर इस दहलीज पर लाए थे।
 

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शहीद मेजर विभूति खंडूरी
वह खुशियों के सातवें आसमान पर थी। बस, दस महीने, अस्फुट से ये स्वर उसके होठों में ही फंसे रह गए थे, जैसे किसी ने उसे झकझोर कर जगा दिया हो। अब, वह वक्त की निर्मम, बेहद खुरदुरी-सख्त जमीन पर थी। बस दस महीने। सब कुछ बदल गया। आज जमाना उसके साथ था, मगर हाथों में मेजर का हाथ नहीं था। 
 
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martyr major vibhuti wife
मेजर से आंखें चार हुई। घरवाले मान गए। 18 अप्रैल 2018 को ही  मेजर विभूति का विवाह निकिता से हो गया। विभू,19 अप्रैल को पहली बार निकिता को लेकर डंगवाल मार्ग वाले घर पहुंचे थे। यहां आज भी एक कमरे में विभू की हथेलियों के निशान हैं। यह एक रस्म थी, जो यादें सहेज गई थी।
 
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martyr major vibhuti
आज, निकिता उन्हीं हथेलियों के निशान में अपनी किस्मत तलाश रही थी, एकटक  हर लम्हे निकिता के दिमाग में जिंदा हो रहे थे, जो उसने विभू के साथ दस महीनों में गुजारे थे। कितना खुश थे विभू, जब उसे लेकर पहली बार घर पहुंचे। पूरे परिवार में खुशियों की फुलझड़ियां छूट रहीं थीं।
 
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martyr major vibhuti wife
कहां, चला गया रे विभू...पास बैठी बुआ विजय लक्ष्मी सुबकते हुए बोली तो सन्नाटा टूट गया। फुलझड़ियों से बिखरे सितारे, वक्त की जमीन पर बिखर कर वजूद खो चुके थे। यूं ही जैसे विभू के बिना निकिता। निकिता की आंखों से आंसू झरने लगे। एक वीरांगना की तरह उसने आंसूओं को हथेलियों में समेट लिया। वह कमरे के कोने में रखी विभू की तस्वीर की तरफ अपलक देखने लगी।
 

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martyr major vibhuti
उसकी पथराई आंखों में फिर नमी बढ़ती जा रही थी। बेकाबू आंसू, लुढ़कर उसके गालों पर फैलने लगे। उंगलियों में उन्हें बटोरने की असफल कोशिश करती हुई, वह बोली...बुआ, वह हीरो हैं। निकिता की दो अंगुलियां मेजर की तस्वीर की ओर थी। होठ, थरथरा रहे थे, शब्द बमुश्किल हलक से निकल रहे थे, वह कहे जा रही थी, उसके लिए मत रोना, मेरा मेजर हीरो है...मेरा मेजर हीरो है...। 
 

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major vibhuti dhondiyal
मार्च में आना था, फरवरी में ही आ गया बेटा
मेजर विभूति जनवरी के पहले सप्ताह में छुट्टियां समाप्त कर ड्यूटी पर गए थे। उनकी पत्नी की मौसी गिरिजा ने बताया, जब लौट रहा था तो बोलकर गया था कि मार्च में आ जाऊंगा। फिर अप्रैल में पहली सालगिरह का जश्न मिलकर मनाएंगे। यह कहते ही मौसी की आंखों से आंसू बहने लगे। फिर खुद को संभालते हुए बोलीं...मार्च में आना था और बेटा फरवरी में ही आ गया।
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martyr major vibhuti wife
बता दें कि 17 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के पिंगलिना में सेना का आतंकियों के साथ एनकाउंटर हुआ था। इसमें एक मेजर समेत 4 जवान शहीद हो गए हैं। इनमें शहीद हुए मेजर विभूति ढौंडियाल उत्तराखंड के देहरादून के रहने वाले थे। पिछले साल अप्रैल में ही उनकी शादी हुई थी। मेजर विभूति 55 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे।
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