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मुठभेड़ पर जाने से पहले शहीद विभूति ने मां और पत्नी से फोन पर की थी ये बात, दोनों ने ऐसे काटी थी रात

Wed, 20 Feb 2019 08:44 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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martyr major vibhuti wife
मुठभेड़ वाली रात किसी अनहोनी की आशंका पर मेजर विभूति का पूरा परिवार रातभर जागता रहा। सुबह उनके शहीद होने की सूचना आई तो अहसास, हृदयविदारक सच में बदल गया। पूरा परिवार इस घटना से टूट गया है। घर में अब कोई पुरुष नहीं बचा। 
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martyr major vibhuti
रोजमर्रा की तरह ऑपरेशन पर जाने से पहले मेजर विभूति ने रविवार रात करीब दस बजे मां और पत्नी से फोन पर बात की थी। इस दौरान उन्होंने बताया कि वह एक ऑपरेशन पर जा रहे हैं। लौटकर बात करेंगे। अपना ख्याल रखना। बात खत्म हुई। उसके बाद मां, पत्नी और बहन अपने-अपने कमरे में सोने चले गए।

वीडियो देखें:

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martyr major vibhuti
रात करीब 12:30 बजे अचानक पत्नी नीतिका की आंख खुली। उसके चेहरे पर घबराहट थी और मन में अजीब सी बेचैनी थी। उसके बाद मेजर विभूति की मां सरोज ढौंडियाल की भी घबराकर अचानक नींद खुली। अनहोनी की आशंका में नींद आंखों से ऐसी गायब हुई कि पूरा परिवार रातभर बेचैनी में जागता रहा। इस दौरान कई बार मेजर से बात करने की भी कोशिश की, लेकिन पता चला कि अभी ऑपरेशन चल रहा है।

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martyr major vibhuti - फोटो : अमर उजाला
उधर, करीब रात 1:30 बजे मेजर विभूति आतंकी मुठभेड़ में घायल हो गए थे। इलाज के दौरान वह शहीद हो गए। सुबह पत्नी करीब पांच बजे ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना तो हुई, लेकिन बेचैनी कम नहीं हुई थी। पूरे परिवार के मन में तरह-तरह की आशंकाएं, उलझन और परेशानी थी।
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शहीद बेटे के पार्थिव शरीर को देखकर मां सरोज पर टूटा दुखों का पहाड़ - फोटो : अमर उजाला
सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे नीतिका के फोन की घंटी बजी। पहले सोचा कि मेजर का फोन है। फोन नंबर मेजर का ही था। लेकिन, बात करने वाले मेजर नहीं, सेना के अधिकारी थे। फोन के ईयरपीस से उभर रहे एक-एक शब्द उसके कानों में बिघलते शीशे की तरह उतरते चले गए। आंखों के सामने अंधेरा छाता चला गया, अंतहीन अंधेरा। 
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martyr major vibhuti
शहीद मेजर विभूति के दादा और पिता का निधन पहले हो चुका है। तीन बहनों के इकलौते भाई मेजर विभूति की शहादत के बाद अब परिवार में कोई पुरुष नहीं बचा है। अंतिम यात्रा के दौरान सांत्वना देने आए रिश्तेदार भी इस बात को लेकर बेहद गमजदा हैं। 
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