शहीद मेजर विभूति के दादा और पिता का निधन पहले हो चुका है। तीन बहनों के इकलौते भाई मेजर विभूति की शहादत के बाद अब परिवार में कोई पुरुष नहीं बचा है। अंतिम यात्रा के दौरान सांत्वना देने आए रिश्तेदार भी इस बात को लेकर बेहद गमजदा हैं।
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martyr major vibhuti
मुठभेड़ वाली रात किसी अनहोनी की आशंका पर मेजर विभूति का पूरा परिवार रातभर जागता रहा। सुबह उनके शहीद होने की सूचना आई तो अहसास, हृदयविदारक सच में बदल गया। पूरा परिवार इस घटना से टूट गया है। घर में अब कोई पुरुष नहीं बचा।
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major vibhuti dhondiyal
रोजमर्रा की तरह ऑपरेशन पर जाने से पहले मेजर विभूति ने रविवार रात करीब दस बजे मां और पत्नी से फोन पर बात की थी। इस दौरान उन्होंने बताया कि वह एक ऑपरेशन पर जा रहे हैं। लौटकर बात करेंगे। अपना ख्याल रखना। बात खत्म हुई। उसके बाद मां, पत्नी और बहन अपने-अपने कमरे में सोने चले गए।
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martyr major vibhuti
- फोटो : अमर उजाला
रात करीब 12:30 बजे अचानक पत्नी निकिता की आंख खुली। उसके चेहरे पर घबराहट थी और मन में अजीब सी बेचैनी थी। उसके बाद मेजर विभूति की मां सरोज ढौंडियाल की भी घबराकर अचानक नींद खुली। अनहोनी की आशंका में नींद आंखों से ऐसी गायब हुई कि पूरा परिवार रातभर बेचैनी में जागता रहा।
इस दौरान कई बार मेजर से बात करने की भी कोशिश की, लेकिन पता चला कि अभी ऑपरेशन चल रहा है। उधर, करीब रात 1:30 बजे मेजर विभूति आतंकी मुठभेड़ में घायल हो गए थे। इलाज के दौरान वह शहीद हो गए।