martyr virendra singh
घर के आंगन में बैठे पिता दीवान सिंह, बड़े भाई जयराम, भतीजे राहुल और रिश्तेदार प्रवेश कुमार मौर्य आदि ने कहा कि अब तो सिर्फ वीरेंद्र की यादें रह गईं हैं। वीरेंद्र में देशभक्ति का जज्बा और जुनून था, लेकिन अब सिर्फ यादें ही रह गईं हैं।