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शहीद पिता को तिरंगे में लिपटा देख बेटी ने किया सैल्यूट, कहे ये शब्द जो गर्व से भर देंगे आपका दिल

Tue, 19 Feb 2019 04:34 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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शहीद मोहन लाल रतूड़ी की बेटी
पुलवामा के आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ के एएसआई मोहन लाल रतूड़ी को शनिवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। पिता की शहादत की खबर से बेटी गम में थी, लेकिन पार्थिव शरीर को तिरंगे में लिपटा देख बेटी ने बहादुरी दिखाई। उसने आंसू और पूरे जोश के साथ पिता को सैल्यूट किया। 
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martyr mohal lal raturi
इस दौरान शहीद की बेटी गंगा रतूड़ी का कहना था कि पिता की शहादत का बदला लेने के लिए वह सेना में जाने का प्रयास करेगी। सीमा द्वार स्थित केंद्रीय विद्यालय में 12वीं की छात्रा गंगा ने कहा कि पहले से उसकी इच्छा पुलिस में जाने की थी। लेकिन, पिता की शहादत के बाद वो अब पूरी तरह सेना में जाने पर फोकस करेगी। 
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martyr mohal lal raturi
बेटी अनुसुइया का कहना था कि वो तो काफी समय से पिता पर वीआरएस लेने का दबाव बना रही थी, लेकिन वे सुरक्षा बल का हिस्सा बताकर समय से पहले आने को तैयार नहीं थे, क्योंकि उनके अंदर राष्ट्रभक्ति कूट-कूटकर भरी थी। 

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martyr mohal lal raturi
तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर से लिपटकर पत्नी और बड़ी बेटी बेसुध हो गई। इधर, हरिद्वार स्थित खड़खड़ी श्मशान घाट पर शहीद की अंतिम विदाई में जनसैलाब उमड़ पड़ा। गमगीन महौल में शहीद के बड़े बेटे शंकर ने उनके पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। 
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martyr mohal lal raturi
शनिवार सुबह सात बजकर बीस मिनट पर विद्या विहार फेज दो स्थित आवास पर पहुंचे। शहीद का शव आते ही परिवार में कोहराम मच गया। शहीद की पत्नी सरिता, बेटी अनुसुइया, वैष्णवी, गंगा और दोनों बेटों के अलावा अन्य परिजन पार्थिव शरीर से लिपटकर बिलखते रहे। 
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martyr mohal lal raturi
शहीद मोहन लाल रतूड़ी का चेहरा परिजन तक नहीं देख पाए। सीआरपीएफ के जवानों को पहले से यह हिदायत दी थी कि  पार्थिव शरीर के दर्शन न करने दिए जाए। काफी देर तक पत्नी और बेटियां एक बार शहीद का चेहरा दिखाने की जिद करती रहीं, लेकिन साथ आए सीआरपीएफ के जवानों ने इससे इनकार कर दिया। इस पर कुछ लोगों ने परिजनों को समझा कर शांत किया। 
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