martyr mohal lal raturi
राम वैसे तो अपने परिवार में सबसे छोटा है, लेकिन पापा की शहादत ने उसे जिम्मेदार बना दिया है। अपने परिवार का भी और देश का भी। मासूम चेहरे पर पापा की याद में आए भाव बरबस ही याद दिला देते हैं कि अब सिर पर पापा का साया नहीं है, लेकिन उनकी यादें फिर उसका सहारा बन जाती हैं। हौसला बन जाती हैं, इन हालात से लड़ने का। राम कहता है कि मैं भी सेना में जाऊंगा। पापा की तरह सीना तानकर देश के दुश्मनों से बदला लूंगा।