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पुलवामा एनकाउंटर: इकलौते भाई को आखिरी बार देख तक नहीं पाई बहन, बस करती रह गई मलाल...

Thu, 21 Feb 2019 04:34 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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शहीद मेजर विभूति
पुलवामा में सोमवार को आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल की दूसरी बहन प्रियंका अमेरिका से बुधवार को दून पहुंची। घर के भीतर सन्नाटा था। दस माह पहले जिन चेहरों पर खुशी के भाव थे, आज वह मुरझाए हुए थे। प्रियंका की आंखों से आंसू बह रहे थे। दिल में रंज था कि अपने लाडले भाई विभू का चेहरा नहीं देख पाई। 
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martyr major vibhuti
शहीद मेजर विभूति की दूसरे नंबर की बहन प्रियंका अमेरिका में रहती हैं। उन्हें जब लाडले भाई की शहादत की सूचना मिली तो वह वापसी की कवायद में जुट गई। लेकिन, टिकट नहीं मिल पाया। एक दिन देर से फ्लाइट का टिकट मिला। बुधवार को वह घर पहुंची। लेकिन, माहौल देखकर सन्न थी। जुबां खामोश रह गई। जो भाई घर में दस महीने पहले चहकता हुआ घूम रहा था, आज उसकी यादें और एक कमरे के कोने में तस्वीर रखी थी। प्रियंका भाई की शहादत से सदमे में हैं।
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martyr major vibhuti wife
शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल आज देश के हीरो हैं। बुधवार को ऋषिकेश, हरिद्वार से लेकर कई शहरों से लोग शहीद के घर पहुंचे। दिनभर लोग घर का पता पूछ-पूछकर सांत्वना देने आए। शहीद मेजर विभूति के डंगवाल मार्ग स्थित घर के बाहर बुधवार को भी देशभक्ति का माहौल रहा। स्कूली बच्चे हों या आम आदमी। दिनभर उनके घर के बाहर से गुजरने वाले भारत माता की जय, मेजर विभूति अमर रहे के नारे लगाते हुए गुजरते रहे।

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martyr major vibhuti
कमरे के कोने में रखी शहीद मेजर विभूति की तस्वीर के सामने ज्योत जल रही है। मुखाग्नि देने वाले चाचा जगदीश ढौंडियाल उदास बैठे हुए हैं। हर आने वाले का अभिवादन स्वीकार करते हैं और फिर खामोश हो जाते हैं। बोले- हमारे भीतर कहां हिम्मत थी। देश ने इस दुख को सहने की हिम्मत दी है। विभू वाकई देश का हीरो है। हमें उस पर नाज है। शहीद मेजर विभूति की पत्नी नितिका खुद को संभालने की कोशिश कर रही हैं।
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martyr major vibhuti dhaundiyal
बुधवार को कई लोग शहीद परिजनों को सांत्वना देने आए। हिम्मत के साथ नितिका कौल ने सभी से मुलाकात की। उनकी सांत्वना स्वीकार की। भीतर-भीतर नितिका को अपने हीरो मेजर की जितनी याद आ रही हो लेकिन बाहर से उन्होंने खामोशी ओढ़ ली है। इससे पूर्व नितिका ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि शादी के बाद पता चलता है कि प्यार क्या होता है। उन्होंने बताया कि चार साल पहले मेजर विभूति से उनकी मुलाकात हुई थी।
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martyr major vibhuti
इसके बाद दोस्ती हो गई। एक-दूसरे से मिलने लगे तो पसंद करने लगे। ऐसे ही एक दिन शादी की बात हो गई और शादी हो गई। लेकिन, शादी के बाद पता चला कि असल प्यार क्या होता है। बुधवार को परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय भी शहीद परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। 
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martyr major vibhuti
शहीद मेजर विभूति की दादी शकुंतला की उम्र 95 साल है। बुजुर्ग दादी सोमवार से लगातार आने-जाने वालों को देखती है। फिर किसी आसपास खड़े व्यक्ति से पूछती है, इतनी भीड़ क्यों है। मंगलवार को भी जब शहीद मेजर विभूति का पार्थिव शरीर उनके सामने था तो उन्हें एक पल को पोते के विदा होने का आभास हुआ। वह मायूस हो गई। लेकिन फिर भूल गई।
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