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#Pulwama Attack: शहीद ने दामाद से कहे थे ऐसे शब्द, पढ़कर देशभक्ति से भर जाएगा रोम-रोम

Sun, 17 Feb 2019 09:37 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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martyr mohal lal raturi - फोटो : अमर उजाला
पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए मोहन लाल रतूड़ी ने अपने दामाद से कहा था कि देश की पूरी सेवा करके ही लौटेंगे। मोहन लाल रतूड़ी के दिलो-दिमाग में राष्ट्र भक्ति कूट-कूट कर भरी थी।
 
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mohan lal raturi
दामाद सर्वेश नौटियाल के मुताबिक परिवार चाहता था कि वे वीआरएस लेकर परिवार के साथ रहें, लेकिन उनके ससुर इसके लिए तैयार नहीं थे। कहते थे कि वो पूरी तरह फिट हैं, उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। वीआरएस लेने का तो सवाल ही नहीं उठता, वो तो पूरी सेवा करके ही लौटेंगे।
 
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martyr mohal lal raturi
देहरादून के शहीद मोहनलाल रतूड़ी के परिजनों में आक्रोश है। आंखों से आंसू है, लेकिन दिल में गुस्सा है। शहीद का छोटा बेटा राम पिता की मौत का बदला लेना चाहता है। उसे सरकार से कहा कि अब बहुत हो गया है। दुश्मन के घर में घुसकर जवाब देना होगा। 
 

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martyr mohal lal raturi
राम केंद्रीय विद्यालय सीमाद्वार में 9वीं का छात्र है। राम ने बताया कि शुक्रवार को पिता की शहादत की सूचना मिली, लेकिन मां को नहीं बताया गया। उन्हें पापा के लापता होने की बात बताई गई थी।शहीद मोहन लाल रतूड़ी के छोटे बेटे राम रतूड़ी का कहना था कि वह नहीं, पूरा देश चाहता है कि सरकार पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दे, ताकि आतंकी भविष्य में इस तरह की घटना को अंजाम देने का दुस्साहस ना कर सकें।
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martyr mohal lal raturi
राम का कहना था कि पिता आखिरी बार गांव के एक काम के सिलसिले में बीती दिसंबर में कुछ दिनों के लिए आए थे। वो फरवरी में छुट्टी आने का वायदा करके गए थे, वो तो नहीं आए, लेकिन उनकी शहादत की खबर आ गई।
 
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martyr mohal lal raturi
शहीद मोहन लाल रतूड़ी के पांच बच्चे हैं। इनमें से वह बड़ी बेटी अनसुइया की शादी की जिम्मेदारी ही निभा पाए। दूसरे और तीसरे नंबर की बेटी वैष्णवी और गंगा हैं। बड़ा बेटा शंकर ऋषिकेश में योग की शिक्षा ग्रहण कर रहा है। सबसे छोटा बेटा राम है, जो कक्षा नौ में पढ़ रहा है।
 
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martyr mohal lal raturi
रतूड़ी बच्चों के साथ पत्नी सरिता को बिलखता छोड़ गए हैं। उनके दो भाई लक्ष्मी और मनमोहन रतूड़ी चंडीगढ़ और पंजाब में पूजा-पाठ का काम करते हैं। इन दोनों भाइयों का परिवार भी देहरादून में ही रहता है।
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