फिलहाल पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर ब्रेक लगने के कोई आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं। सरकार पेट्रोल और डीजल पर वैट से सालाना तकरीबन 1450 करोड़ की आमदनी में कमी लाने को तैयार नहीं है।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 5
trivendra singh rawat
पेट्रो पदार्थों में महंगाई की 'आग' लगने के बाद मध्यप्रदेश, राजस्थान और आंध्र प्रदेश की सरकारों ने पेट्रोलियम पदार्थों पर टैक्स घटाया है। लेकिन उत्तराखंड में फिलहाल कोई राहन मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
विज्ञापन
3 of 5
डेमो
- फोटो : डेमो
भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड में पेट्रोल और डीजल से होने वाली आय राजस्व का बड़ा जरिया है। राज्य सरकार को पेट्रोल से 650 करोड़ और डीजल से करीब 800 करोड़ का राजस्व हर साल मिल रहा है। वर्तमान में पेट्रोल पर करीब 17 रुपये और डीजल पर करीब 9.41 रुपये टैक्स लागू किया गया है।
4 of 5
gst
सूत्रों की मानें तो जीएसटी से पहले राज्य में 8336 करोड़ संयुक्त कर जमा होता रहा था, जो जीएसटी के बाद 15139 करोड़ हो गया है। सेटलमेंट के बाद राज्य को केवल 3701 करोड़ मिला है। इससे राज्य सरकार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वित्त मंत्री प्रकाश पंत का कहना है कि राज्य के लिए पेट्रोल और वैट पर लिए जा रहे वैट को कम करना मुमकिन नहीं है। कुछ महीने पहले सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर पांच फीसद सेस घटाया था। इससे सरकार के राजस्व में 25 करोड़ की कमी आई।