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उत्तराखंड: बारिश ने रोकी राह, सड़कें मलबे से पटीं, एक की मौत, विदेशी पर्यटक फंसे, बदरीनाथ हाईवे बंद

Mon, 13 Aug 2018 10:19 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़/टनकपुर/गरुड़/चंपावत/रामनगर
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rain - फोटो : amar ujala
उत्तराखंड में शनिवार रात से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई स्थानों पर मलबे से सड़कें बंद हो गईं। मौसम की मार कैलाश यात्रा पर भी पड़ रही है। 13वें दल के कैलाश यात्री तीसरे दिन भी पिथौरागढ़ से गुंजी नहीं जा पाए। सोमश्वर में मेहरा गांव और पल्यूड़ा में दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए। बागेश्वर डीएम के कार्यालय में तैनात वरिष्ठनाजिर व बैजनाथ के सीर गांव निवासी चंदन सिंह के बेटे दीपक मेहरा की गोमती नदी में डूबने से मौत हो गई।  चारधाम यात्रा भी बाधित हो रही है।

 
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rain
मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटे तक प्रदेश के आठ जिलों में भारी बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तीर्थयात्रियों को भी पहाड़ का सफर न करने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, चंपावत और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से भारी बारिश हो सकती है। पौड़ी, चंपावत व ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की आशंका है। इस संबंध में सभी जिलों के जिलाधिकारियों को अलर्ट किया गया है। इसके साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा न करने की सलाह भी जारी की गई है।
 
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highway
नाचनी में रातीगाड़ के पास मलबा और बोल्डर आने से थल-मुनस्यारी सड़क 16 घंटे से अधिक समय तक बंद रही। मुनस्यारी को खाद्यान्न ले जा रहे करीब 25 ट्रक मार्ग में फंस गए। पिथौरागढ़-धारचूला एनएच पर गुड़ौली के पास मलबा आने से 8 घंटे से अधिक समय तक यातायात बाधित रहा। वहां भी दर्जनों वाहन फंस गए। अमरू बैंड के पास टिपन टॉप में टनकपुर-चंपावत राजमार्ग भी मलबे से बंद हो गया। प्रशासन ने 24 घंटे के लिए टनकपुर-चंपावत हाईवे पर यातायात बंद कर दिया है। मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने पहाड़ को जाने वाले यात्री और मालवाहक वाहनों को ककराली गेट बैरियर पर ही रोक दिया। पिथौरागढ़, लोहाघाट और चंपावत के तमाम वाहन पाटी-देवीधुरा होते हुए हल्द्वानी और अन्य स्थानों को भेजे गए। 
 

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flood
लोहाघाट आने वाली लोहाघाट डिपो की नौ बसें टनकपुर में फंसी रहीं। तीन बसें हल्द्वानी होते हुए देर शाम लोहाघाट पहुंचीं। टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर पेट्रोल पंप के पास देवदार के दो भारी-भरकम पेड़ों के गिरने से एक घंटे तक यातायात बंद रहा। सल्ट (अल्मोड़ा) में हिनौला-काने बंद हो गई है। भीमताल-हल्द्वानी मार्ग पर सलड़ी में मलबा आने से यातायात बाधित होता रहा। उधर, बागेश्वर जिले की 15 सड़कें मलबा आने से बंद हैं।
 
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sharda dam
निरंतर हुई बारिश से नदी-नाले भी उफान पर हैं। धारचूला में काली नदी, बनबसा में शारदा और हुड्डी नदी उफान पर हैं। यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेडवर्क्स प्रशासन ने शारदा बैराज पर रेड अलर्ट जारी कर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी। बनबसा में हुड्डी नदी भी उफान पर है। टनकपुर में किरोड़ा और बाटनागाड़ नालों ने रविवार को पूर्णागिरि मार्ग घंटों बाधित रखा। सल्ट (अल्मोड़ा) के भकराकोट और धनगढ़ी नाले के उफान में आने से मोहान-रामनगर-मरचूला मोटर मार्ग पर करीब दो घंटे तक जाम लग गया। वहां जाम में विदेशी पर्यटकों समेत कई लोग फंस गए। 
 
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flood
धनगढ़ी नाले में बहे दो बाइक सवारों को बचा लिया गया। रामनगर में गर्जिया मंदिर के पास मलबा आने से एनएच-121 बंद हो गया। जेसीबी की मदद से मलबा हटाने के बाद रात तीन बजे यातायात बहाल हुआ। पनोद नाले से सुंदरखाल के कई मकानों में पानी घुस गया और गांव की पेयजल पाइपलाइन भी टूट गई और प्राइमरी पाठशाला, जूनियर हाईस्कूल में मलबा भर गया।
 
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badrinath highway
लामबगड़ में रविवार अपराह्न तीन बजे चट्टान से भारी मात्रा में मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध हो गया है। हाईवे बंद होने से बदरीनाथ यात्रा भी थम गई। पुलिस प्रशासन की ओर से बदरीनाथ दर्शन को जा रहे 350 तीर्थयात्रियों को पांडुकेश्वर व जोशीमठ और बदरीनाथ से लौट रहे 225 तीर्थयात्रियों को धाम में ही रोक दिया गया है। भारी बारिश के कारण हाईवे को नहीं खोला जा सका है। सोमवार को मौसम सामान्य होने पर ही यहां आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है। बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में बेहद खतरनाक बना हुआ है।
 

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badrinath highway
नई टिहरी में जाखणीधार ब्लॉक के ग्राम मंदार में बारिश के कारण हो रहे भूस्खलन के चलते आधा दर्जन से अधिक परिवारों को खतरा हो गया है। प्रभावित परिवारों ने अपने घर खाली कर गांव के अन्य परिवारों के घरों में शरण ली है।रविवार सुबह से हो रही भारी बारिश के कारण मंदार गांव के खोला तोक में कई परिवारों के घरों में मलबा घुस गया। प्रभावित परिवारों ने बताया कि घरों की सुरक्षा दीवार टूटने के कारण आवासीय भवनों में रहना मुश्किल हो गया है। प्रभावितों ने घरों को खाली कर गांव के अन्य परिवारों के घरों में शरण ली है। प्रभावितों ने जिलाधिकारी से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
 
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yamunotri highway
भारी बारिश से गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे सहित जिले के दो लिंक मोटर मार्ग बाधित हो गए हैं। बीआरओ और राजमार्ग खंड के कर्मचारी हाईवे पर यातायात बहाली के प्रयास में जुटे हैं। यमुना घाटी में अवरुद्ध खरादी-नगाणगांव तथा राजगढ़ी-सरनौल सड़क के जल्द खुलने के आसार नहीं हैं। बीते दो दिनों से मौसम साफ रहने के बाद रविवाद दोपहर को एक बार फिर से जिले में भारी बारिश हुई। इससे थिरांग क्षेत्र में भूस्खलन होने से गंगोत्री हाईवे बाधित हो गया, जबकि ओजरी डबरकोट में एक बार फिर से भारी मलबा आने के कारण यमुनोत्री हाईवे 23वें दिन भी बंद रहा।
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