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प्रियंका गांधी वाड्रा को संगठन में अहम जिम्मेदारी, लेकिन यहां कांग्रेसी खेमे उठा रहे बड़ा सवाल

Fri, 25 Jan 2019 09:53 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Priyanka gandhi
प्रियंका गांधी वाड्रा को संगठन में अहम जिम्मेदारी से कांग्रेस में हर कोई झूम सा रहा है। पार्टी की कायाकल्प की उम्मीद सिर चढ़कर बोल रही है। इन स्थितियों के बीच एक और खास बात है। वो जुड़ी है प्रियंका की तटस्थता से।

 
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pritam singh - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड से खास लगाव के बावजूद प्रियंका ने राज्य के हर नेता से समान दूरी बनाकर रखी है। इस वजह से उत्तराखंड का कोई बड़ा नेता यह कहने की स्थिति में नहीं है कि उसे प्रियंका से खास तवज्जो मिलेगी। वैसे, प्रियंका के पार्टी में सक्रिय होने के बाद उत्तराखंड कांग्रेस को यह उम्मीद जरूर है कि युवाओं और महिलाओं का जुड़ाव अब पार्टी से और ज्यादा बढे़गा।

 
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प्रियंका गांधी - फोटो : पीटीआई
उत्तराखंड कांग्रेस शुरू से गुटबाजी का शिकार रही है। इसके किरदार बदलते रहे हैं, लेकिन प्रवृत्ति एक सी रही है। उत्तराखंड राज्य निर्माण के बाद 2017 के विस चुनाव में कांग्रेस ने सबसे खराब वक्त देखा, जबकि सत्ता से सीधे फिसलकर वह सिर्फ 11 विधायकों के संख्या बल पर सिमट गई। निश्चित तौर पर कांग्रेस इस हार से उबरने की अब भी कोशिश कर रही है। ऐसे समय में उत्तराखंड कांग्रेस को लगता है कि प्रियंका की सक्रियता राज्य में पार्टी के बहुत काम आएगी। हालांकि उन पर राष्ट्रीय महासचिव रहते हुए उत्तर प्रदेश का प्रभार भी है, लेकिन उसका असर कहीं न कहीं उत्तराखंड में पड़ने की उम्मीद भी कांग्रेस के लोग करते हैं।

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harish rawat
अखिल भारतीय कांग्रेस में प्रियंका गांधी वाड्रा के समकक्ष हरीश रावत का मानना है कि असर जल्द दिखने लगेगा। वह ये भी नहीं मानते कि प्रियंका देर से कांग्रेस में सक्रिय हुई है। वह कहते है-सही समय पर सही निर्णय लिया गया है, इसके बाद अब भाजपा को अपनी रणनीति बदलनी पडे़गी। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि वह यूपी के जमाने में 1993 में विधायक रहे थे। प्रियंका को लेकर उत्तर प्रदेश उत्तराखंड में शुरू से असाधारण क्रेज रहा है। कांग्रेस की मजबूती का यह आधार साबित होगा।
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priyanka gandhi
वैसे, कांग्रेस के लोग कहते हैं कि प्रियंका के उत्तराखंड के दिग्गज नेताओं से समान दूरी बनाए रखने का फैसला बहुत उचित रहा है। ऐसा न होता, तो उत्तराखंड कांग्रेस की गुटबाजी का रूप और भयावह होता। यही कारण है कि प्रियंका के सक्रिय होने पर कोई दिग्गज नेता अपने को खास तवज्जो मिलने की उम्मीद नहीं कर सकता। यह अलग बात है कि राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद अब उनका नेताओं से सीधे संपर्क होगा और पसंद, न पसंद अब उभरकर सामने आने लगेगी। 
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हरीश रावत - फोटो : AmarUjala
यह बड़ा निर्णय है। भाजपा की रणनीति को ध्वस्त करने वाला सटीक निर्णय और समय पर लिया गया है। जो लोग राहुल गांधी की विफलता को इस निर्णय से जोड़ रहे हैं, उनसे ये ही कहना है कि राहुल विफल हैं, तो पांच राज्यों में आपका कचूमर क्यों निकला।
-हरीश रावत, राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस

पूरा देश यह बहुत पहले से चाहता था कि प्रियंका कांग्रेस में सक्रिय हों। यह पूरे देश की भावना का सम्मान करने वाला निर्णय है। इसके बाद पूरे देश में परिवर्तन की लहर दौड़ना तय है। लोकसभा चुनाव भाजपा को बहुत महंगा पड़ने वाला है।
- प्रीतम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
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Anugrah Narayan Singh
प्रियंका के राष्ट्रीय महासचिव बनने से कार्यकर्ताओं में नई स्फूर्ति आई है। राहुल जी के नेतृत्व में कांग्रेस तेजी से आगे बढ़ी और अब प्रियंका जी के साथ आ जाने के बाद यह रफ्तार तूफानी हो जाएगी। सोच विचार कर यह निर्णय लिया गया है।
-अनुग्रह नारायण सिंह, प्रदेश प्रभारी, कांग्रेस

मैं राहुल गांधी का इस निर्णय के लिए आभार प्रकट करता हूं। निश्चित तौर पर इस निर्णय से कांग्रेस मजबूत होगी।
-किशोर उपाध्याय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस

 
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सूर्यकांत धस्माना - फोटो : amar ujala
प्रियंका गांधी की कुशल कार्यशैली का लाभ कांग्रेस को मिलेगा। उन पर जनता इंदिरा का अक्स देखती है। पार्टी की मजबूती के लिए यह बड़ा फैसला है।
-सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश उपाध्यक्ष, कांग्रेस

प्रियंका के राष्ट्रीय महासचिव बनने से महिलाओं और युवाओं का जुड़ाव कांग्रेस से और ज्यादा होगा। इसका लाभ चुनाव में मिलना तय है।
-गरिमा दसौनी, प्रदेश प्रवक्ता, कांग्रेस

कांग्रेस हाईकमान के इस फैसले ने पार्टी में नया उत्साह जगा दिया है। भाजपा की नींद हराम होने से अब कोई नहीं रोक सकता।
-लाल चंद्र शर्मा, दून महानगर अध्यक्ष, कांग्रेस
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