अगर प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करते हैं तो आपको भी सरकारी कर्मचारियों की तरह पेंशन मिल सकेगी। ये है आसान तरीका...
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पेंशन
केंद्र सरकार की न्यू पेंशन सिस्टम स्कीम प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को एक निश्चित पेंशन की सुविधा देती है। इस लिहाज से नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) काफी बेहतर विकल्प है। एनपीएस में ग्राहक को एक यूनीक परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर दिया जाता है। ग्राहक रिटायरमेंट तक इसमें पैसा जमा करना होता है।
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- फोटो : money
रिटायरमेंट पर ग्राहक कुल जमा राशि का एक हिस्सा एकमुश्त तौर पर निकाल सकता है। बाकी राशि एक एन्यूटी में निवेश करनी होती है, जिससे रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन मिलती है। मौत के बाद संपूर्ण राशि उसके द्वारा नामित व्यक्ति को दी जाती है।
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एनपीएस के तहत तीन तरह के फंड उपलब्ध हैं। इक्विटी, कॉरपोरेट बांड व सरकारी प्रतिभूतियां। लेकिन ग्राहक केवल दो पॉलिसी में ही निवेश कर सकता है। पहली पॉलिसी एक्टिव च्वाइस या सक्रिय चयन के तहत ग्राहक तीन फंडों में से अपने हिसाब से फंड का चयन निवेश के लिए कर सकता है। इक्विटी फंड में अधिकतम 50 फीसद योगदान के निवेश कर सकते हैं।
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दूसरी पॉलिसी ऑटो च्वाइस या स्वत: चयन के तहत तीनों फंडों में ग्राहक की उम्र के आधार पर पूर्व निर्धारित पैटर्न के अनुसार कार्पस का निवेश किया जाता है। कम उम्र की स्थिति में इक्विटी में ज्यादा निवेश होता है। अधिक उम्र होने पर इक्विटी में केवल 10 फीसद निवेश होता है।