माना जा रहा है कि मोदी बदरीनाथ और केदारनाथ में रहेंगे तो शांत, लेकिन पवित्र धामों में उनकी मौजूदगी चुनाव के आखिरी पलों में अपने हिसाब से संदेश दे रही होगी। यह संदेश हिंदुत्व से जुड़ा माना जा रहा है। दरअसल, प्रचार में पाबंदी की स्थिति में मोदी इन धामों से हिंदुत्व की बात को अलग ढंग से आगे बढ़ाने की बात ही करेंगे। हालांकि भाजपा इसे मोदी का अध्यात्मिक दौरा बता रही है।