इस कुटिया से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कभी न टूटने वाला रिश्ता है। वे यहां आने के लिए हमेशा आतुर रहते हैं। चलिए इस जगह के बारे में जानते हैं...
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 6
seva kunj
जी हां, हम बात कर रहे हैं हरिद्वार के दिव्य प्रेम सेवा मिशन सेवा कुंज की। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का दिव्य प्रेम सेवा मिशन से पुराना नाता है। वे वर्ष 2000 से इस साल राष्ट्रपति बनने तक दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संरक्षक मंडल के सदस्य रहे हैं।
विज्ञापन
3 of 6
seva kunj
सेवाकुंज में प्रवेश करते ही बाईं तरफ बनी कुटिया रामनाथ कोविंद के हरिद्वार आगमन की प्रमुख गवाह है। संस्था से जुड़े लोगों की मानें तो अधिकतर रामनाथ कोविंद इसी कुटिया में आकर रुकते हैं। उनका संस्था के बच्चों के बीच काफी स्नेह है।
4 of 6
seva kunj
राष्ट्रपति के रूप में बच्चे उनका स्वागत करने को उत्सुक है। दिव्य प्रेम सेवा मिशन के विवेकानंद कुंज स्कूल में ही पले पढ़े मनोहर का कहना है कि रामनाथ कोविंद जब भी यहां आते हैं सभी बच्चों से प्रेम से मिलते है। बताया कि वह कई बार ऐ मेरे वतन के लोगों गीत भी रामनाथ कोविंद को सुना चुके हैं।
विज्ञापन
5 of 6
seva kunj
उनके हरिद्वार आगमन को लेकर संस्था में हर तरफ उल्लास का माहौल है। राष्ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद 23 सितंबर को पहली बार हरिद्वार चंडीघाट पुल के समीप स्थित दिव्य प्रेम सेवा मिशन के सेवाकुंज आश्रम में पहुंचेंगे ।
मंगलवार को यात्रा की तैयारियों का खाका खींचा जाता रहा। शाम करीब चार बजे दिव्य प्रेम सेवा मिशन में पहुंचने के बाद करीब 30 मिनट तक रुकेंगे। मुख्य आयोजन आश्रम से सटे सभागार में होगा, जहां साफ सफाई, बिजली व्यवस्था और साज सज्जा का दौर शुरू हो गया है।