देश में कई गांव ऐसे हैं जहां जाने पर फरियादियों की मुरादें पूरी हो जाती हैं। लेकिन हम आपको आज एक ऐसे गांव के बारे में बताते हैं जहां भगवान शिव का अनोखा वरदान है। यहां अगर गरीब लोग जाएं तो वो भी अमीन बन जाते हैं।
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माणा गांव
- फोटो : AmarUjala
यह जगह है उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित देश का सबसे अंतिम गांव माणा। यहीं पर माना पास है जिससे होकर भारत और तिब्बत के बीच वर्षों से व्यापार होता रहा था।
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mana village
इस गांव को श्रापमुक्त जगह का दर्जा प्राप्त है। हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि व्यक्ति के जीवन में जो भी कष्ट हैं वह उसके द्वारा किए पापों के चलते होता है। यहां आने पर व्यक्ति सभी पापों से मुक्त हो जाता है।
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mana village
- फोटो : GirishRanjalTiwari
बता दें कि पवित्र बदरीनाथ धाम से 3 किमी आगे भारत और तिब्बत की सीमा स्थित इस यह गांव का नाम भगवान शिव के भक्त मणिभद्र देव के नाम पर पड़ा था।
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bhim pul in mana village
बताया जाता है कि सदियों पहले एक व्यापारी था जो शिव का बहुत बड़ा भक्त था। एक बार व्यापारिक यात्रा के दौरान लुटेरों ने उसका सिर काटकर कत्ल कर दिया।
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mana
- फोटो : amarujala
लेकिन इसके बाद भी उसकी गर्दन शिव का जाप कर रही थी। उसकी श्रद्धा से प्रसन्न होकर शिव ने उसके गर्दन पर वराह का सिर लगा दिया। इसके बाद माना गांव में मणिभद्र की पूजा की जाने लगी।
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mana
- फोटो : amarujala
शिव ने माणिक शाह को वरदान दिया कि माणा आने पर व्यक्ति की दरिद्रता दूर हो जाएगी। इसके बाद से यहां अगर कोई भी आता है और सच्चे मन से शिव का नाम जपता है तो उनकी गरीबी दूर हो जाती है।
बता दें कि इसी गांव में गणेश जी ने व्यास ऋषि के कहने पर महाभारत की रचना की थी। तब से यहां बनी व्यास और गणेश गुफा भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।