केदराघाटी में मिले नरकंकालों को लेकर विपक्ष सरकार पर तरह तरह के आरोप लगा रहा है। विपक्ष का कहना है कि जिस वक्त यह घटना हुई सरकार ने इसकी सुध नहीं ली।
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ajay bhatt
- फोटो : amar ujala
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि केदारघाटी में नरकंकालों का मिलना प्रदेश सरकार की लापरवाही है। कहा कि अपनी विफलता छुपाने के लिए मुख्यमंत्री तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर कंकालों के मिलने की बात छिपाने का आरोप लगाया।
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विजय बहुगुणा
- फोटो : file photo
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा है कि अपनी विफलता को छुपाने के लिए हरीश रावत उनके कार्यकाल के समय मंत्रिमंडल के साथियों के कार्य पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं। कहा कि केदारघाटी में जब आपदा आई थी हरीश रावत केंद्र में मंत्री थे। उन्होंने इस मुद्दे पर न तो कोई चर्चा प्रधानमंत्री से थी और न ही मुझसे। यदि उनको लगता था कि आपदा के बाद बचाव कार्य में या नरकंकालों की तलाश में कोई कमी है तो उनको यह बात सार्वजनिक रूप से उठानी चाहिए थी।
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kedarnath
दूसरी ओर नरकंकालों की बरामदगी के बाद विपक्षी भाजपा के तीखे तेवरों का जवाब देते हुए सीएम रावत ने पत्रकारवार्ता मेंकहा कि आपदा के बाद सरकार की ओर से शुरू किया गया तलाशी अभियान कभी नही रोका गया।
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त्रियुगीनारायण-केदारनाथ ट्रेक पर किमी 6 से 14 के बीच मिले कंकालों पर लिपटे कपड़े
- फोटो : amar ujala
सीएम ने उन आरोपों को सिरे से खारिज किया कि साल 2013 में आयी आपदा के बाद सरकार ने लापता लोगों के शवों की बरामदगी को लेकर अभियान रोक दिया था। सीएम ने कहा कि हमने पहले भी कहा था कि बरसात के बाद फिर ‘सर्च आपरेशन’ शुरू किया जाएगा।
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त्रियुगीनारायण-केदारनाथ ट्रेक पर किमी 6 से 14 के बीच मिले कंकालों पर लिपटे कपड़े
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता विजय बहुगुणा पर निशाना साधा। कहा कि प्रदेश की कमान संभालते ही उन्होंने नरकंकालों की तलाश के लिए पूर्व में रोके गए कांबिंग आपरेशन को शुरू करने का आदेश दिया था। उनका इशारा पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की ओर था कि उन्होंने ही नरकंकालों की तलाश बंद करने संबंधी आदेश दिया था।
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हरीश रावत
- फोटो : अमरउजाला
सीएम ने कहा कि ऐसे मामलों में आरोप-प्रत्यारोप नहीं होना चाहिए। हम बेहतर सुझावों का स्वागत करते हैं लेकिन मात्र आरोप प्रत्यारोप लगाना राज्य हित में कतई नहीं हैं।
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हरीश रावत
- फोटो : file photo
केदारनाथ क्षेत्र के जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई थीं उनके बच्चों की शिक्षा आदि के लिए एक करोड़ रूपए से फंड स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सालाना एक करोड़ रूपए जमा करते हुए पांच करोड़ रूपए तक की राशि इसमें रखी जाएगी
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सीएम हरीश रावत
- फोटो : file photo
सीएम हरीश रावत ने कहा है कि बाकी बचे नर कंकालों की तलाश के लिए माटा और पुलिस प्रशासन को दस दिन का वक्त दिया है।
अभी तक जो बाते सामने आयी है उससे पता चलता है कि केदारनाथ आपदा के समय तमाम लोग जान बचाने के लिए त्रियुगीनारायण मार्ग पर चले गए थे और वहां गुफाओं में आश्रय लिया। लेकिन भूख, प्यास, सर्दी व थकान के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया।