जैसे ही मंत्री यशपाल आर्य बाल्लुपुर गांव पहुंचे, दो छोटे-छोटे बच्चों को साथ लिए विधवा ने कहा कि साहब हमारे परिवार का एक ही सहारा था, वह भी चला गया। अब कोई कमाने वाला नहीं रहा। अब वह बच्चों को कैसे पालेगी। इस पर मंत्री सहम गए। उन्होंने दोनों बच्चों के सिर पर हाथ रखकर दुलार किया और महिला से वादा किया कि उन्हें सरकार की ओर से हरसंभव मदद दी जाएगी।