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जहरीली शराब कांड में यतीम हुए बच्चों को देख सहम गए मंत्री, बातें सुनकर हुए भावुक, तस्वीरें...

Thu, 14 Feb 2019 06:29 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुड़की/झबरेड़ा
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मंत्री यशपाल आर्य
जैसे ही मंत्री यशपाल आर्य बाल्लुपुर गांव पहुंचे, दो छोटे-छोटे बच्चों को साथ लिए विधवा ने कहा कि साहब हमारे परिवार का एक ही सहारा था, वह भी चला गया। अब कोई कमाने वाला नहीं रहा। अब वह बच्चों को कैसे पालेगी। इस पर मंत्री सहम गए। उन्होंने दोनों बच्चों के सिर पर हाथ रखकर दुलार किया और महिला से वादा किया कि उन्हें सरकार की ओर से हरसंभव मदद दी जाएगी। 
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मंत्री यशपाल आर्य
कुछ यही हाल अन्य परिवारों का भी था। आंखों में आंसू लिए महिलाओं ने मौत के मंजर की कहानी कही तो मंत्री समेत वहां मौजूद सभी लोग स्तब्ध थे। विधानसभा में गूंज रहे जहरीली शराब के मुद्दे के बीच समाज कल्याण एवं परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने बुधवार को झबरेड़ा थाना क्षेत्र के प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने हर पीड़ित के घर पहुंचकर सांत्वना दी। साथ ही ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी बातें सुनीं। 
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मंत्री यशपाल आर्य
इस दौरान शुरुआत में तो ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर समय रहते कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। यहां तक कि एक ग्रामीण ने एसडीएम भगवानपुर को हटाए जाने की बात भी कह डाली, लेकिन इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मंत्री इतनी दूर से आए हैं तो पहले उनकी बात सुनी जानी चाहिए। इस पर मंत्री यशपाल आर्य ने जल्द से जल्द मुआवजे के चेक दिए जाने, पीड़ितों के लिए राहत कैंप लगाकर खाने-पीने की किट देने और उनके लिए पेंशन आदि बनवाए जाने का वादा किया।  

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मंत्री यशपाल आर्य
गौरतलब है कि झबरेड़ा थाना क्षेत्र के बिंडुखड़क, बाल्लुपुर और भलस्वागाज समेत आधा दर्जन गांवों में विगत शुक्रवार को जहरीली शराब पीने से 18 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी मौतों का सिलसिला थमा नहीं था। अभी तक क्षेत्र में 36 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि यूपी में भी 80 से ज्यादा लोग मर चुके हैं। इसे लेकर इन दिनों विधानसभा में भी जमकर हंगामा हुआ। घटना के बाद से ही लोगों में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नहीं पहुंचने से रोष पनप रहा था। 
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मंत्री यशपाल आर्य
इस बीच बुधवार को समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य सुबह साढ़े दस बजे बिंडुखड़क गांव पहुंचे। इस दौरान मंत्री एक घेर में जमा ग्रामीणों के बीच पहुंचे। मंत्री ग्रामीणों के बीच कुर्सी पर बैठ गए। इस दौरान मंत्री कुछ नहीं बोले तो ग्रामीणों ने गुस्से का इजहार करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि साहब! यहां की पुलिस ढीली है। समय रहते कुछ नहीं किया, अब दौड़ रही है। 
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शराब से मौत
पुलिस की शह पर ही यहां शराब का कारोबार चल रहा था। इस दौरान एक ग्रामीण ने एसडीएम भगवानपुर को भी घटना का जिम्मेदार बताते हुए उन्हें हटाए जाने की मांग की। कुछ ग्रामीणों ने कहा कि जो इतनी दूर से आया है, पहले उनकी तो सुन लो। इसके बाद मंत्री आर्य ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने मुआवजा राशि को बढ़ाए जाने की मांग की। इस पर मंत्री ने प्रयास करने का वादा किया। 
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शराब से मौत
उन्होंने कहा कि चार पांच दिन में मुआवजे के चेक भिजवा दिए जाएंगे। साथ ही उन्होंने एडीओ समाज कल्याण सोमपाल सिंह को बुलाकर 26 फरवरी को गांव में कैंप लगाए जाने के आदेश दिए। मंत्री ने बताया कि कैंप में पीड़ित परिवारों के खाने पीने की चीजों की किट दी जाएगी। साथ ही महिला, विधवा व वृद्धा आदि पेंशन बनवाई जाएंगी। इसके बाद मंत्री बाल्लुपुर और भलस्वागाज भी गए और पीड़ित सभी परिवारों के घरों में पहुंचकर उनका हाल चाल जाना। 
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