बागेश्वर जिला के अंतर्गत कपकोट तहसील के मुनार गांव की महिलाओं ने एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना के तहत उत्तराखंड ग्रामीण विकास समिति के माध्यम से मां चिल्ठा सहकारिता समूह का गठन किया। इस समूह की महिलाओं ने गांव में ही बिस्कुट बनाने की फैक्ट्री लगाई। किसानों से मंडुवा, चौलाई, मक्का खरीदकर वेल्यू एडिशन के जरिये बिस्कुट तैयार किया। बाजार में बिस्कुट मार्केटिंग हिलांस ब्रांड के नाम से की जा रही है। एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना व अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास परिषद (आईफेड) की ओर से मार्केटिंग व पैकेजिंग में समूह के उत्पाद को पहचान दिलाई। बागेश्वर, गरुड़, कोसानी, अल्मोड़ा में बिस्कुट की मार्केटिंग के लिए आउटलेट खोले गए। इसके साथ ही प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में भी मंडुवे व चौलाई से बने बिस्कुट की सप्लाई हो रही है। पहले जहां चौलाई 25 रुपये प्रति किलो बिकता था।