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पाकिस्तान से आने वाली जाली करेंसी को लगा 'मोदी करंट'

Wed, 09 Nov 2016 11:30 AM IST
राकेश शर्मा / अमर उजाला, देहरादून
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money
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच सौ और हजार के नोट बंद करके एक तीर से कई निशाने साधे हैं और ये निशाने पूरी तरह से सटीक लगे हैं। कालेधन और भ्रष्टाचार पर वार के साथ पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को भी तगड़ी पटखनी दी है। 
 
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असली और नकली नोटों की पहचान
पाक खुफिया एजेंसी बरसों से भारतीय अर्थव्यवस्था को बिगाड़ने के लिए नकली नोटों की खेप भारतीय बाजार में उतार रही थी। इनमें बड़ी संख्या में पांच सौ और हजार के नोट थे। अब इस फैसले से नकली नोट खुद-ब-खुद चलन से बाहर हो जाएंगे। 
 
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fake cheque
सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक ज्योति स्वरूप पांडेय भी मानते हैं कि पांच सौ और एक हजार का नोट बंद हो जाने से फिलहाल नकली और असली का भेद मिट जाएगा।
 

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isi
देश में बड़ी संख्या में जाली करेंसी का चलन किसी से छुपा नहीं है और इसमें बड़ा हाथ पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का है। पहले समझौता एक्सप्रेस, फिर नेपाल बार्डर और अब बांग्लादेश के रास्ते जाली करेंसी भारत भेजी जाती रही है।
 
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- फोटो : rajesh kumar
नेपाल बार्डर से जुड़ा होने के कारण उत्तराखंड बेहद संवेदनशील रहा है। प्रदेश के ऊधमसिंह नगर, देहरादून और नैनीताल के अलावा कई हिस्सों में जाली नोटों की खेप बरामद हुई।
 
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- फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान के लाहौर से आने वाली समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में नोट पकड़े जाने के बाद पड़ोसी मुल्क की खुफिया एजेंसी आइएसआई का इसमें नाम सामने आया था। पानीपत में खेप उतारने के बाद आईएसआई के बड़े गढ़ रहे मुजफ्फरनगर के कैराना इलाके में लाया जाता था।
 
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असली और नकली नोटों की पहचान
समझौता एक्सप्रेस में जाली नोट पकड़े जाने के बाद अटारी बार्डर पर ट्रेन की सघन चेकिंग होने लगी। इस पर जाली करेंसी नेपाल बार्डर के रास्ते भारत में लाई जाने लगी। इसके अलावा भारतीय अर्थव्यवस्था को तबाह करने के लिए कई और रास्ते खोजे गए, जिनमें बांग्लादेश सीमा से मालदा होते हुए बिहार के भागलपुर को नए ठिकाने के रूप में विकसित किया गया है। 
 
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modi
देश में अरबों रुपये के जाली नोट बरामद होने के बाद भी वह चलन से बाहर नहीं हो पाए। क्योंकि असली और नकली में फर्क करना बड़ा मुश्किल था। पर मोदी सरकार के इस मास्टर स्ट्रोक से इस गोरखधंधे में लगे लोग क्लीन बोल्ड हो गए।
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