उत्तराखंड के लिए अच्छी खबर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह तह किया गया है कि 2027 तक राज्य में उद्योगों को रियायत दी जाएगी।
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पीएम मोदी
- फोटो : ANI
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर एवं पूर्वोत्तर के राज्यों को एक जुलाई, 2017 से पहले केंद्रीय उत्पाद शुल्क में जो दस वर्ष की छूट मिली हुई थी, वह वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली लागू होने के बाद भी मिलती रहेगी। इससे 4000 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों को फायदा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई मंत्रिमंडल के आर्थिक मामलों की कमेटी (सीसीईए) की बैठक में इस आशय का फैसला किया गया।
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सेनेटरी इंडस्ट्री
बैठक के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि जीएसटी लागू होने से पहले उत्तर के तीन हिमालयी राज्यों एवं पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में उद्योग लगाने पर दस वर्ष तक केंद्रीय उत्पाद शुल्क चुकाने से छूट थी। जो उद्योग जिस वर्ष लगा, उससे दस वर्ष तक छूट मिलती थी। जीएसटी प्रणाली में इस तरह के किसी छूट का प्रावधान नहीं है। इसलिए वह छूट नहीं मिलेगी। लेकिन जीएसटी कानून की एक धारा विशेष के तहत चुकाए गए कर के रिफंड का प्रावधान है। अब सरकार ने तय किया है कि इसी धारा के तहत इन राज्यों के उद्योगों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के जरिये रिफंड दिया जाएगा। यह रिफंड उन्हें उद्योग शुरू करने से दस वर्ष तक ही मिलेगा।
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arun jaitely
सरकार ने किया 27413 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि उद्योग जगत को इस मद में रिफंड उपलब्ध कराने के लिए एक जुलाई, 2017 से 31 मार्च, 2027 तक की अवधि के लिए 27,413 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान को मंजूर किया गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत कुल 4284 इकाइयां चल रही हैं। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2007 में नार्थ ईस्ट इंडस्ट्रियल एंड इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन पालिसी के तहत इसे सिक्किम समेत पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में लागू किया था। बाद में इसके दायरे में जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को भी लाया गया था। इस नीति का सबसे बड़ा आकर्षण 10 वर्षों तक केंद्रीय उत्पाद शुल्क से छूट है।
अधिसूचना के साथ ही लागू हो जाएगा फैसला
यह फैसला कब से लागू होगा, यह पूछे जाने पर जेटली ने बताया कि केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के डीआईपीपी को इससे संबंधित एक अधिसूचना जारी करनी होगी। इसके जारी होते ही यह प्रावधान लागू हो जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इन राज्यों में जिस उद्योगपति ने वर्ष 2017 में उद्योग लगाया होगा, उन्हें वर्ष 2027 तक कर में छूट मिलेगी। इसलिए, सनसेट क्लॉज को 2027 तक के लिए बढ़ाया गया।