फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आइकावा फ्रॉड: पायलट बाबा संग सुनहरे सपने दिखाने वाले छह आरोपी अब भी फरार, केस की 10 प्रमुख बातें

Fri, 05 Apr 2019 11:25 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
विज्ञापन
1 of 10
बहुचर्चित आइकावा फ्रॉड में कोर्ट ने गुरुवार को पायलट बाबा को जेल भेज दिया है, लेकिन 11 हजार लोगों को सुनहरे सपने दिखाकर चंपत हुए छह धोखेबाजों का अब भी कुछ पता नहीं है।
विज्ञापन

2 of 10
कोर्ट बार-बार समन भेजकर इन्हें तलब कर रहा है, लेकिन आरोपी हाजिर नहीं हो रहे हैं। थाना तल्लीताल में सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इनमें से सिर्फ पायलट बाबा को ही जेल भेजा जा सका है।
 
विज्ञापन

3 of 10
कोर्ट में पेश चार्जशीट में कहा गया कि आरोपी पायलट बाबा के अलावा हिमांशु राय, इशरत खान, इरफान खान, विजय यादव, पीसी भंडारी और मंगल गिरी इस धोखाधड़ी में शामिल थे। सभी ने मिलकर गेठिया ज्योलीकोट में आइकावा इंटरनेशनल कंप्यूटर एजूकेशन संस्था खोली थी।

4 of 10
संस्था का रजिस्ट्रेशन किया गया और कंप्यूटर के प्रचार-प्रसार के लिए विज्ञापन दिए गए। पर्चे छपवाए गए कि कंप्यूटर शिक्षा एक रुपये प्रतिमाह में दी जाएगी। फ्रेंचाइजी आमंत्रित की गई।

 
विज्ञापन

5 of 10
प्रत्येक फ्रेंचाइजी से 50 हजार रुपये रजिस्ट्रेशन फीस, 1600 रुपये सर्वे फीस, 112 रुपये प्रति विद्यार्थी फीस और कंप्यूटर बुक का मूल्य 210 रुपये प्रति विद्यार्थी जमा कराया गया। फ्रेंचाइजी लेने वालों को सपने दिखाए गए कि इसके बदले में 50 हजार 500 रुपये का भुगतान प्रतिमाह किया जाएगा।
 
विज्ञापन

6 of 10
computer class, computer
कहा गया कि प्रशिक्षण केंद्र खोलने में खर्च का भुगतान एवं केंद्र के पर्यवेक्षक, आईटी पर्यवेक्षक, रिसेप्सनिस्ट को भी प्रतिमाह 3500 एवं 1800 रुपये दिए जाएंगे।

 
विज्ञापन

7 of 10
पायलट बाबा की गुडविल को देखते हुए उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश के कई लोगों ने फ्रेंचाइजी ली। लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई आइकावा में लगा दी, लेकिन जब पैसा वापसी का वक्त आया तो वादे के मुताबिक संस्था ने भुगतान नहीं किया।

8 of 10
फ्रेंचाइजी लेने वालों से वादा किया गया कि उनसे ली जाने वाली 50 हजार रुपये की धनराशि बाद में उन्हें उपहार स्वरूप लौटा दी जाएगी। संस्था से जुड़कर लोग प्रतिवर्ष छह लाख तक कमा सकते हैं। अधिक परिश्रम करेंगे तो आय 10 से 15 लाख तक पहुंच सकती है।
 

9 of 10
Pilot Baba, fraud case
विवेचना के दौरान यह भी पता चला कि आरोपियों ने नियमों का पालन नहीं किया। ऑडिट तक नहीं कराया गया। जो पैसा बैंकों में जमा किया गया वह भी तुरंत ही निकाल लिया गया।
 
विज्ञापन

10 of 10
Pilot Baba, fraud case
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि केस के छह आरोपी अब भी फरार हैं। कोर्ट लगातार इन्हें तलब कर रहा है, लेकिन यह कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें