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कैलाश मानसरोवर के लिए अब चीन जाने की जरूरत नहीं, यहां से कर सकेंगे 'भगवान शिव' के दर्शन

Fri, 04 Aug 2017 08:57 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
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kailash
भारत से पव‌ित्र कैलाश मानसरोवन की यात्रा के ल‌िए जाने वाले तीर्थयात्रियों को अब चीन की हेकड़ी नहीं देखनी पड़ेगी। तीर्थयात्री अब यहां से भी कैलाश पर्वत के दर्शन कर सकेंगे। आगे जान‌िए कैसे...
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kailash project
बता दें क‌ि, प‌िथौरागढ़ के लोक न‌िर्माण व‌‌िभाग की टीम ने कैलाश मानसरोवर जाने के ल‌िए साढे पांच हजार मीटर की ऊचाई पर एक बायपास तैयार क‌िया है। य‌ह बायपास ल‌िपुलेख के न‌िकट तैयार क‌िया गया है।
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kailash
इस बायपास के मार्ग के दो क‌िलो मीटर तक चलने के बाद एक ऐसा व्यू प्वाइंट बनाया गया है, जहां से पव‌ित्र कैलाश के दर्शन आसानी से क‌िए जा सकते हैं। भव‌िष्य मे यह बायपास उन पर्यटकों के ल‌िए डेस्टीनेशन प्वाइंट बन सकेंगा जो वीजा या अनरू कारणों से चीनी क्षेत्र में नहीं जा पाते हैं। 

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kailash mansarovar yatra
इस व्यू प्वाइंट से कैलाश की दूरी तकरीबन 160 क‌िलोमीटर है। ऐसे में हालांक‌ि तीर्थयात्री पास से कैलाश पर्वत के दर्शन नहीं कर पाएंगे, लेक‌िन यह ऐसा व्यू प्वाइंट है जहां से पूरा कैलाश पर्वत द‌िखता है। इसल‌िए तीर्थयात्री यहीं से भगवान श‌िव की पूजा कर सकते हैं।
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kailash mansarovar yatra
प‌िथौगराढ़ में पीडबल्यूडी अस्कोट के अध‌िशासी अभ‌ियंता एबी कांडपाल के मुताब‌िक, वायपास से इसी दूरी दो क‌िमी होगी। अब आद‌ि कैलाश यात्री भी इसी मार्ग से पर्वत जा सकेंगे। 
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kailash mansarovar yatra
बता दें क‌ि चीन ने तिब्बत के धार्मिक स्थलों को भी अपने कब्जे में ले लिया है। ल्हासा से कैलाश मानसरोवर तक की यात्रा के दौरान 40 से अधिक बार चेकिंग कर चीन के सुरक्षाकर्मी ने यात्रियों को परेशान करते हैँ।
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कैलाश मानसरोवर यात्रा
गौरतलब है क‌ि मानसरोवर यात्रा सबसे कठ‌िन तीर्थयात्राओं में से एक है। यहां प‌िथौरागढ ज‌िले की भारत त‌िब्बत सीमा से होते हुए देश भर के हजारों की संख्या में यात्री जाते हैं।
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