सोमवार की रात हुई तेज बारिश से दून के उत्तर पूर्वी पर्वतीय इलाकों, विशेषकर टिहरी गढ़वाल से सटे क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। तस्वीरों में देखिए तबाही का मंजर...
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मूसलाधार बारिश ने शहर से 20 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित मालदेवता-सरखेत की तीन सौ मीटर तक मोटर मार्ग को बहा दिया। यह मोटर मार्ग 50 से अधिक गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ता है।
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इस वजह चार दर्जन से अधिक गांव जिला मुख्यालय से कट गए हैं। बांदल घाटी के सैकड़ों किसानों के सामने कृषि उत्पादों को बाजार तक ले जाने व स्वास्थ्य सेवा का संकट खड़ा हो गया है।
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बांदल नदी के तेज बहाव को देखकर मालदेवता से लेकर सरखेत तक के ग्रामीण दहशत में हैं। नदी में लगातार पानी बढ़ रहा है। खेतों में कटान होने से अदरक, धनिया, धान की फसलें बर्बाद हो गई हैं।
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सरखेत, सीतापुर, सिल्ला, ताशिला क्यारा, छमरौली, भुश्ती समेत कई गांवों को बड़ी क्षति हुई है। कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भूस्खलन से खेतों में मलबा भर गया है। सरखेत व सीतापुर में परेशान लोगों ने सामुदायिक भवन में शरण ली है।
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भारी बारिश ने सहस्त्रधारा में भी नुकसान पहुंचाया है। भूस्खलन के कारण सहस्त्रधारा से चामासारी और वहां से मसूरी तक का मार्ग बाधित हो गया है।
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यहां भी दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। सरोणा से सुवाखोली मार्ग भी बाधित हो गया है। हालांकि वहां पर जेसीबी मलबे को हटाने में जुटी है।