ग्राम पंचायत बिजरानी में बादल फटने के बाद उफनाए नाले से मची तबाही का मंजर गांव के लोग कभी नहीं भुला पाएंगे। खेत खलिहान, मकान और गोशालाएं बर्बाद होने के बावजूद कोई जन हानि नहीं होना, लोग इसे करिश्मा मान रहे हैं।
शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्र में तबाही का मंजर देखने वालों की खासी भीड़ रही। चारों तरफ फैले मलबे के नीचे लोगों का कीमती सामान भी दबा हुआ है।बिजरानी में मोहन सिंह का मकान, गोशाला, मवेशी सब दफन हो गए तो लीलाधर जोशी के ढाबे के साथ ही शौचालय, बर्तन, फ्रिज और स्कूटी भी मलबे के ढेर में दबी हुई है।
जमन सिंह की गोशाला बह गई है। गांव के ही कलम सिंह, हीरासिंह व आलम सिंह के मकान भी खतरे की जद में हैं। कुछ मकानों में दरारें पड़ी हैं। इन तीनों परिवारों ने गांव में अन्यत्र शरण ले रखी है।