भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर लौट रहे औरंगाबाद (महाराष्ट्र) के श्रद्धालुओं की बस कर्णप्रयाग में दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई। जबकि 34 श्रद्घालु बुरी तरह घायल हो गए। देखिए दर्दनाक तस्वीरें...
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बदरीनाथ हाईवे पर यह बस नगर क्षेत्र के राजनगर के पास सड़क से 100 फीट नीचे खेत में पलट गई। इससे दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 34 अन्य घायल हो गए।
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इनमें गंभीर रूप से घायल पांच यात्रियों को गौचर से हेलीकॉप्टर की मदद से हिमालयन अस्पताल जॉलीग्रांट भेजा गया, जबकि पांच अन्य को एंबुलेंस से बेस अस्पताल श्रीनगर रेफर किया गया है। अन्य घायलों की हालत सामान्य बताई जा रही है। सभी यात्री महाराष्ट्र प्रदेश के औरंगाबाद जिले के हैं।
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शुक्रवार दोपहर बाद करीब पौने चार बजे बदरीनाथ से आ रही रूपकुंड ट्रेवल्स कंपनी की बस बदरीनाथ हाईवे पर उमा-महेश्वर आश्रम और एफएलटू के बीच अनियंत्रित होकर 100 फीट नीचे खेत में पलट गई। पास में काम कर रहे मजदूर और स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को हादसे की सूचना दी।
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सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। बस में फंसे यात्रियों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। दो महिला श्रद्धालुओं ने उपचार के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया।
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घायल यात्री काका साहेब ने बताया कि यात्रियों का दल 12 जुलाई को औरंगाबाद से निकला था और शुक्रवार को बदरीनाथ के दर्शन कर केदारनाथ जा रहा था।
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बस दुर्घटना में प्रशासन मुस्तैद दिखा। दुर्घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम केएन गोस्वामी, तहसीलदार विपिन पंत, सीओ मिथिलेश कुुमार, प्रभारी थानाध्यक्ष एसडी जमलोकी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया, लेकिन एनडीआरएफ के जवान करीब एक घंटे देरी से पहुंचे।
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अस्पताल में भी डा. राजीव शर्मा के नेतृत्व में डा. मनोज मिश्रा, डा. हरीश थपलियाल, डा. वीपी पुरोहित, फार्मेसिस्ट सीएस नौटियाल और संजय कुमार ने पूरी टीम के साथ घायलों का प्राथमिक उपचार किया। बाद में एसपी तृप्ति भट्ट, डीएम आशीष जोशी, एडीएम ईला गिरि ने अस्पताल पहुंचकर जानकारी ली।
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थराली के विधायक मगन लाल शाह ने इस दौरान मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया। यात्रियों की गंभीर स्थिति को देखते हुए शासन से दो हेलीकॉप्टर उपलब्ध कर गंभीर घायलों को देहरादून भिजवाया।
रूपकुंड ट्रेवल्स कंपनी के रोटेशन कार्यालय में हादसे वाली बस में सवार यात्रियों का पंजीकरण ही नहीं था। शिनाख्त न होने पर जब कंपनी के हरिद्वार स्थित कार्यालय से संपर्क किया गया तो कंपनी के रोटेशन इंचार्ज पुरुषोत्तम गौड़ बस में सवार केवल दो यात्रियों के ही नाम बता पाए। गौड़ ने बताया कि बस बिना यात्रियों का पंजीकरण कराए ही चल दी थी।