जानकर शायद आपको यकीन न हो, लेकिन पहाड़ से मैदान में आए लोगों को घर वापस लौटने के लिए खुद देवता ने आदेश दिया। जिसके बाद लोगों ने घरवापसी की और आज पूरा गांव फिर से आबाद हो गया है। पढ़िए रोचक कहानी...
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uttarakhand village
सुविधाओं के अभाव में वीरान हुआ चकराता ब्लॉक का मुंगाड़ गांव अब फिर से आबाद होने लगा है। इसके पीछे देवता के दोष से बचने के लिए लोगों के घर वापसी बड़ी वजह है। साथ ही सरकार के गांव में बिजली, पानी और स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई है।
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uttarakhand village
आजादी से पूर्व गांव में 60 परिवार रहते थे, लेकिन बिजली, पानी और स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाएं गांव में न होने की वजह से यहां के अधिकांश परिवार पलायन कर दूरदराज के खेड़ों- मजरों में बस गए। गांव में सिर्फ बाजगी समुदाय के छह परिवार थे, लेकिन हाल ही में 10 परिवारों ने फिर से गांव में वापसी की है। कुछ परिवारों ने खंडहर हो चुके भवनों के जीर्णोद्धार का मन बनाया है।
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mahasu devta
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य भगत सिंह चौहान, पंचम सिंह चौहान, दीनू दास आदि का कहना है कि गांव में कयलू और महासू देवता का मंदिर है। तीज त्योहारों पर ही लोग देवता की पूजा अर्चना के लिए गांव जाते थे, इसके चलते उन पर देवता का दोष लगने लगा।
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Mahasu Devta
ऐसे में देवता ने लोगों को फिर से गांव लौटने का आदेश दिया है। प्रधान केसर सिंह चौहान का कहना है कि लोगों की वापसी गांव के लिए शुभ संकेत है। यदि सभी परिवार लौट जाए तो गांव एक बार फिर से आबाद हो जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बच्चों को लिए स्कूल का निर्माण भी हुआ। स्कूल में क्षेत्र में आसपास के ग्रामीणों के बच्चे शिक्षा का अखर ज्ञान ले रहे हैं। स्कूल में बच्चों के लिए पानी, बिजली और शौचालय की भी सुविधा उपलब्ध है।