जहां उन्होंने मंडुवे की रोटी, गहथ का फाणा, कंडाली के साग का स्वाद लिया। साथ ही हरिद्वार के लिए पहाड़ का स्पेशल रोट-अरसे, पिसा नमक और चटनी साथ भी ले गए। इस मौके पर उन्होंने फाउंडेशन के टीम लीडर मनोज सेमवाल से बातचीत करते हुए पहाड़ी व्यंजनों को बनाने और उन्हें परोसने के तरीके की प्रशंसा की।