66 वर्षीय यह बुजुर्ग खुद को जिंदा घोषित करने की जद्दोजहद में लगा है, लेकिन कोई इन्हें जीवित मानने को तैयार नहीं है। इनकी पीड़ा सुन आपका दिल भी पसीज जाएगा।
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गोबरू (बुजुर्ग )
- फोटो : amar ujala
छह साल से कोटी कॉलोनी निवासी 66 वर्षीय गोबरू खुद को जिंदा घोषित करने की जद्दोजहद में समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई भी उनकी सुनने वाला नहीं है। उन्हें मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करना पड़ रहा है।
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बुढ़ापा पेंशन
- फोटो : demo pics
छह साल पूर्व समाज कल्याण विभाग ने गोबरू की पेंशन शुरू की। उसके तीन माह बाद ही मृत घोषित कर उनकी पेंशन को बंद कर दिया गया। लंबे समय तक जब खाते में पेंशन नहीं आई तो उन्होंने मामले की शिकायत ग्राम प्रधान से की।
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पेंशन
जांच-पड़ताल में पता चला कि विभागीय कागजों में मृत घोषित कर उनकी पेंशन को बंद कर दिया गया है। गोबरू का कहना है कि पेंशन शुरू करने को लेकर वह कई बार विभागीय अधिकारियों से पत्राचार कर चुके हैं लेकिन उन्हें हर बार आश्वासन देकर टाल दिया जाता है।
अब उन्होंने विभाग के चक्कर काटना बंद कर दिया है और मेहनत मजदूरी करने लगे हैं। पेंशन मिलने से उन्हें थोड़ा बहुत सहारा रहता था। जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शखंधर ने कहा कि मामला मेरे कार्यकाल से पुराना है। मामले में रिपोर्ट तलब कर शीघ्र धारक को पेंशन दी जाएगी।