उस रात पूरी सर्जिकल, इमरजेंसी और आईसीयू की टीम उसे बचाने की कोशिश में लगी थी। कई बार उसकी सर्जरी की गई, लेकिन आंतें ज्यादा डैमेज होने से उसे बचाना बहुत मुश्किल हो रहा था। ऐसी कोई टेक्नालॉजी नहीं थी कि उसे बचाया जा सकता। इसलिए उसे सिंगापुर भेजा गया। डॉ. विपुल कंडवाल देहरादून के एमकेपी रोड स्थित आरोग्यधाम सुपर स्पेशयिलिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर और वरिष्ठ गैस्ट्रो सर्जन हैं। निर्भया कांड के दौरान वे सफदरजंग अस्पताल नई दिल्ली में तैनात थे।