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Nirbhaya Case: दरिंदों की फांसी के बाद भावुक हुए निर्भया का इलाज करने वाले डॉक्टर, कही ये बात...

Fri, 20 Mar 2020 03:40 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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विपुल कंडवाल - फोटो : फाइल फोटो
सात साल बाद निर्भया के दरिंदों को आज सुबह फांसी दे दी गई। इस पर निर्भया का इलाज करने वाले देहरादून के डॉक्टर विपुल कंडवाल भावुक हो गए।
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- फोटो : फाइल फोटो
निर्भया का इलाज करने वाले डॉक्टर विपुल कंडवाल ने कहा कि आज दोषियों को फांसी होने के बाद उनके मन को शांति और सुकून मिला है। उनका कहना है कि हर अन्याय और दुष्कर्मी को इसी तरह सजा मिलनी चाहिए। इससे लोगों का न्यायपालिका पर विश्वास बढ़ेगा और दुष्कर्मियों के मन में खौफ होगा।

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- फोटो : फाइल फोटो
आज निर्भया के दरिंदों को फांसी मिलने के बाद उसका इलाज करने वाले डॉक्टर विपुल कंडवाल बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि 16 दिसंबर 2012 की रात को देश की एक बेटी के साथ हुई दरिंदगी के बाद उसका इलाज करने वाले डॉक्टर हालत देखकर अंदर तक दहल गए थे।

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- फोटो : फाइल फोटो
अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि आज भी उस वीभत्स घटना के जख्म मन को कचोटते हैं। दरिंदों को फांसी की सजा मिलने से उनके मन को बेहद सुकून मिला है। उनका कहना है कि निर्भया जहां भी होगी उसकी आत्मा को आज शांति मिली होगी।
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बताया कि 16 दिसंबर 2012 की रात लगभग 1:30 बजे वे सफदरजंग अस्पताल में नाइट ड्यूटी पर थे। तभी तेज रफ्तार एंबुलेंस अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर आकर रुकी। घायल को इमरजेंसी में इलाज के लिए ले जाया  गया। एंबुलेंस में 21 साल की एक युवती थी। उसके कपड़े फटे थे और लगातार खून निकल रहा था। 
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- फोटो : फाइल फोटो
उस रात पूरी सर्जिकल, इमरजेंसी और आईसीयू की टीम उसे बचाने की कोशिश में लगी थी। कई बार उसकी सर्जरी की गई, लेकिन आंतें ज्यादा डैमेज होने से उसे बचाना बहुत मुश्किल हो रहा था। ऐसी कोई टेक्नालॉजी नहीं थी कि उसे बचाया जा सकता। इसलिए उसे सिंगापुर भेजा गया। डॉ. विपुल कंडवाल देहरादून के एमकेपी रोड स्थित आरोग्यधाम सुपर स्पेशयिलिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर और वरिष्ठ गैस्ट्रो सर्जन हैं। निर्भया कांड के दौरान वे सफदरजंग अस्पताल नई दिल्ली में तैनात थे।
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