लेकिन, कुमाऊं विवि ने पांच महीने बाद भी अभ्यर्थियों को प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया है। उनका कहना है कि इस देरी का असर उनके भविष्य पर पड़ रहा है। वहीं, यूसेट के सदस्य सचिव प्रो. कविदयाल का कहना है कि चूंकि प्रमाण-पत्रों की वेरिफिकेशन प्रक्रिया जरूरी थी, इसलिए विलंब हुआ है।