कैंसर के मरीजों के इलाज में स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट के डॉक्टरों ने नई राह दिखाई है। कैंसर के स्टेज-4 एडवांस केस वाले मरीजों में जब कीमोथेरेपी (दवाएं) असरदार साबित नहीं हो रही थी।
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तब डॉक्टरों ने रेडियोथेरेपी की डोज में बदलाव किया, तो इसके बाद सकारात्मक परिणाम आए। अब अमेरिकी संस्था ने इंस्टीट्यूट के विभागाध्यक्ष को इसके बारे में बताने के लिए बुलाया है।
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- फोटो : getty images
स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट के डॉक्टरों की टीम ने नाक, कान, गला के कैंसर के मरीजों का इलाज कर रहे थे। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. स्वरूप बताते हैं कि इन सभी मरीजों में रोग अंतिम अवस्था में भी सबसे आखिरी श्रेणी में था।
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इन मरीजों को दवाएं दी गईं, तो उनका परिणाम अच्छा नहीं आ रहा था। इसके बाद रेडियोथेरेपी देने का फैसला किया गया। इसमें सामान्य तौर पर दवाओं की जो डोज दी जाती है, उसकी मात्रा और दिन में बदलाव किया गया। इसके बाद रोगियों के स्वास्थ्य में सुधार आया।
विभागाध्यक्ष डॉ. केसी पांडे बताते हैं कि नॉर्मल डोज में बदलाव किया गया था। इसका लेख इंडियन जर्नल ऑफ पेलियाटिक में छपा था। अब स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कार्य करने वाली पब इंडेक्स संस्था ने जानकारी देने के लिए उन्हें बुलाया है।