हरक सिंह रावत रेप प्रकरण में मुख्यमंत्री के निजी सचिव द्वारा महिला के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे की विवेचना में चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं।
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कॉल
- फोटो : demo pic
मीडिया के जरिये जिस मोबाइल नंबर पर सीएम के पीएस से बात करने की बात आई है, उसकी आईडी पौड़ी के किसी शख्स की होने की बात सामने आ रही हैं।
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि नंबर की सही बात आरोप लगाने वाली महिला के बयानों में ही आ पाएगी। पुलिस जांच में महिला का दिल्ली का पता तस्दीक न होने की बात भी आ रही है।
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हरक सिंह रावत
- फोटो : AmarUjala
दिल्ली के सफदरजंग थाने में हरक सिंह रावत पर लगे दुराचार और फिर क्लीन चिट देने के मामले में देहरादून पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया।
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हरीश रावत
- फोटो : AmarUjala
मुख्यमंत्री के निजी सचिव कमल सिंह रावत ने महिला और अन्य के खिलाफ साजिश के तहत अनर्गल और मिथ्या आरोप लगाने के आरोप में मुकदमा कायम कराया था।
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हरीश रावत
- फोटो : अमरउजाला
महिला ने बयान बदलने के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत के पीएस को पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार बताया था।
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कोर्ट
देहरादून पुलिस कई दिन के प्रयासों के बाद महिला द्वारा सफदरजंग थाने में दी गई तहरीर और 164 के तहत दिए गए दोनों बयानों की कापी पाने में कामयाब रही है। उसी के आधार पर विवेचना को आगे बढ़ाया गया है।
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मीडिया के जरिये जिस मोबाइल नंबर पर महिला द्वारा मुख्यमंत्री के पीएस से वार्ता करने की बात सामने आई है, पुलिस ने उसे भी तस्दीक कर लिया है। उस नंबर की आईडी पौड़ी के एक शख्स की पाई गई है। अभी यह कहना मुश्किल है कि ये यह नंबर सही या गलत है।
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हरक सिंह रावत
- फोटो : AmarUjala
महिला के बयानों से ही यह तस्दीक हो पाएगा कि कि स नंबर से बात हुई थी। उधर पुलिस महिला द्वारा दर्शाए गए पते तक भी गई, लेकिन वहां से कई चौंकाने वाली बात आई है।
विवेचना कई पहलुओं पर चल रही है। जो भी बयान अब तक सामने आए है, उन्हें तस्दीक करने की प्रक्रिया चल रही है। विवेचना प्रचलित होने के कारण कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। यह तय है कि पूरी विवेचना साक्ष्यों पर आधारित होगी, ताकि शक की कोई गुंजाइश ना रहे।
- संजय गुंज्याल, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल रेंज