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IMA के इतिहास में पहली बार होगा ऐसा, जानेंगे तो आप भी करेंगे गर्व

Fri, 09 Jun 2017 08:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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भारतीय सैन्य अकादमी के इत‌िहास में इस बार बहुत कुछ खास होने जा रहा है। इस बार एक ऐसा काम होने जा रहा है ज‌िससे आईएम के अध‌िकारी खुद भी हैरानी में है। वहीं ये बात जानकार आप भी गर्व करेंगे।
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दरअसल, भारतीय सैन्य अकादमी से पासआउट होने वाले जांबाजों में पहली बार दस मित्र राष्ट्रों के कैडेट्स भी पासआउट होने जा रहे हैं। हर साल की पासिंग आउट परेड में इनकी संख्या दो से पांच राष्ट्रों तक होती है। सभी कैडेट्स पासआउट होने के बाद अपनी-अपनी सेनाओं का हिस्सा बनेंगे। 
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बता दें क‌ि भारतीय सैन्य अकादमी में मित्र राष्ट्रों के कैडेट्स भी प्रशिक्षण लेने आते हैं। अभी तक आईएमए से 2081 विदेशी जेंटलमैन कैडेट्स पासआउट हो चुके हैं। यहां प्रशिक्षण लेने वाले विदेशी कैडेट उन देशों से हैं, जिनके भारत के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। 

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इसमें कुछ देश ऐसे हैं, जहां प्रशिक्षण के लिहाज से बुनियादी ढांचे की कमी है। कुछ बेहतर सैन्य शिक्षा सीखने और दो देशों के बीच मजबूत संबंधों को बढ़ावा देने के लिए अपने कुछ कैडेट यहां भेजते हैं। इसके अलावा अस्थिरता के दौर से गुजर रहे अफ गानिस्तान के भी बड़ी संख्या में युवा यहां से पासआउट हुए हैं।
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पासआउट होने वाले कैडेट्स में अफगानिस्तान, भूटान, फिजी, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, किंग्डम ऑफ लिसोथो, पापुओ न्यू गिनिया, रिपब्लिक ऑफ सूडान, रिपब्लिक ऑफ तंजानिया और किंग्डम ऑफ टोंगा।
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भारतीय सैन्य अकादमी से इस साल अंतिम पग पार करते ही पासआउट होने वाले जांबाजों की संख्या 60 हजार पार कर जाएगी। इस बार पीओपी में आईएमए से 423 भारतीय और 67 विदेशी कैडेट्स पासआउट होने जा रहे हैं। 
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जनरल याहाया खान, जनरल मूसा खान और पाकिस्तान के जनरल टिक्का खान, बांग्लादेश के जनरल मेग ओस्मानी, बर्मा के जनरल स्मिथ डून और मलेशिया के जनरल इब्राहिम इस्माइल ने आईएमए से प्रशिक्षण प्राप्त किया था।
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