एनसीईआरटी की जो किताब बाजार में 50 रुपये की है, वह प्राइवेट पब्लिशर की किताब 65 रुपये की है। यानी एक किताब को एनसीईआरटी कॉपी बनाकर प्रकाशक 15 रुपये अतिरिक्त मुनाफा कमा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि कई विषयों की किताबें बाजार से गायब हो गई हैं, ऐसे में एनसीईआरटी खरीदनी है तो यह किताबें भी लेना मजबूरी है।