नवरात्रि में देवी को दिन के अनुसार भोग लगाएंगे तो आपके लिए तरक्की और लाभ के रास्ते खुलेंगे। पंडित विभूषण नंद के अनुसार, देवी को उनके रूप के अनुसार भोग लगाना चाहिए। नौ दिन के नौ रूपों के अनुसार भोग लगाकर देवी को प्रसन्न किया जा सकता है। प्रथम शैलपुत्री: इस दिन देवी को सफेद मिठाई या फिर गाय का गाय का शुद्ध घी का भोग लगाएं। दूसरी ब्रह्मचारिणी: इस दिन मां को शक्कर का भोग लगाएं और भोग लगाने के बाद इसे प्रसाद रूप में वितरित कर दें। तृतीय चन्द्रघंटा: देवी को दूध या खीर का भोग भो लगाएं। इसे ब्राह्मण को दान करें। इससे कष्ट दूर होंगे। चतुर्थ कूष्माण्डा: इस दिन आप देवी को मालपुए का भोग लगा सकते है। इसे गरीबों को दान दे दें। पंचम स्कंदमाता: इस दिन मां को केले का नैवेद्य अर्पित करें। इससे आपके रोग दूर होंगे। छठी कात्यायनी: छठे दिन मां को शहद का या फिर सफेद चीज में शहद डालकर भोग लगाएं। सप्तमी कालरात्रि : इस दिन देवी को गुड़ भोग लगाएं। इससे मां कष्ट दूर करती है। अष्टम महागौरी: इस दिन देवी को चने और नारियल का भोग लगाएं। नवम सिद्धिदात्री: इस दिन मां को पानी वाले नारियल का भोग लगाएं। बाद में उसे प्रसाद बनाकर बांट दें।