18 मार्च से नवरात्रि शुरू हो रहे हैं। इस शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करें, लेकिन इन बातों का ध्यान रखें।
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ज्योतिषाचार्य पंडित सुशांत राज ने बताया कि, नवरात्र में सुबह और शाम मां भगवती की पूजा करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। इन दिनों में घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। इसके बिना नवरात्रि पूजा पूरी नहीं मानी जाती है।
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17 मार्च को शाम 7.41 बजे से प्रतिपदा शुरू हो जाएगी। इसलिए 18 मार्च को सुबह घटस्थापना की जाएगी। लाभ की चौघडिय़ा, सुबह 9.48 से 11.18 तक है। जबकि अमृत की चौघडिय़ा, सुबह 11.19 से दोपहर 12. 48 तक
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इस दौरान ध्यान रहे कि पहले मिट्टी से वेदी बनाएं। इसके बाद उसमें हरियाली के प्रतीक जौ बोएं। इसके बाद सोने, मिट्टी या तांबे के कलश पर स्वास्तिक बनाएं।
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पूजा गृह में विधि-विधान के साथ कलश स्थापित करें। श्रीफल, गंगाजल, चंदन, सुपारी पान, पंचमेवा, पंचामृत आदि से शक्ति की आराधना करें।
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नवरात्र
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उत्तर पूर्व को देवताओं की दिशा माना जाता है। इसलिए इस दिशा में माता की प्रतिमा और घट की स्थापना करना शुभ होगा।
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अगर आपने अखंड ज्योति प्रज्वलित की हुई है तो पूर्व-दक्षिण दिशा में रखना चाहिए। पूजन के समय मुंह पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए।