क्या आपने कभी सुना है कि अपराध करने पर मां भक्तों की सारी मुराद पूरी करती हैं। जी हां, यह सच है। हम आपको दुनिया के एक ऐसे मंदिर के बारे में बता रहे हैं जहां पाप करने पर ही इच्छा पूरी होती है।
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choodamani
हम बात कर रहे हैं चुड़ियाला स्थित प्राचीन सिद्धपीठ चूड़ामणि देवी मंदिर में चोरी करने वाले भक्तों को माता सजा नहीं, बल्कि उनकी पुत्र रत्न प्राप्ति की इच्छा पूरी करती है।
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मंदिर के बारे में मान्यता है कि माता सती के पिता राजा दक्ष प्रजापति द्वारा आयोजित यज्ञ में भगवान शिव शंकर को आमंत्रित नहीं किए जाने से क्षुब्ध माता सती ने यज्ञ में कूदकर यज्ञ को विध्वंस कर दिया था।
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नवरात्र के अंतिम दिन पूजा करतीं महिलाएं।
भगवान शिव जिस समय माता सती के मृत शरीर को उठाकर ले जा रहे थे, उसी समय माता सती का चूड़ा इस घनघोर जंगल में गिर गया था। तभी से इसी स्थान पर माता की पिंडी स्थापित होने के साथ ही भव्य मंदिर का निर्माण किया गया।
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नवरात्र
- फोटो : amar ujala
यहां पुत्र प्रप्ति की इच्छा रखने वाले दंपति मंदिर में आकर माता के चरणों से लोकड़ा (लकड़ी का गुट्टा) चोरी करके अपने साथ ले जाते हैं और पुत्र रत्न प्राप्ति के बाद अषाढ़ माह में अपने पुत्र के साथ ढोल नगाड़ों सहित मां के दरबार मे पहुंचते हैं। जहां भंडारे के साथ ही दंपति चुराए गए लोकड़े के साथ ही एक अन्य लोकड़ा भी अपने पुत्र के हाथों से चढ़ाते हैं।
मंदिर के पुजारी पंडित अनिरुद्ध शर्मा एवं मां चूड़ामणि देवी ट्रस्ट के संरक्षक सतवीर त्यागी, अध्यक्ष राजेश त्यागी, कोषाध्यक्ष विनित त्यागी, सचिव नरेश त्यागी, उपाध्यक्ष नीरज आदि बताते हैं कि एक बार लंढौरा रियासत के राजा जंगल में शिकार करने आए हुए थे। जंगल में घूमते-घूमते उन्हें माता की पिंडी के दर्शन हुए।
(अमर उजाला इन तथ्यों की पुष्टि नहीं करता है। यह केवल मान्यताओं के आधार पर दिए गए हैं।)