‘अच्छे दिन आएंगे’ जैसे जुमले से सत्ता के शीर्ष पर आई नरेंद्र मोदी सरकार के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह से जब पूछा गया कि केंद्र सरकार को तीन साल का वक्त हो चुका है। क्या अच्छे दिन आ गए हैं या फिर अभी आने बाकी हैं? तो पढ़िए क्या बोले अमित शाह...
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amit shah in dehradun
- फोटो : rajeev gupta
इस पर शाह ने केंद्र सरकार की ओर से लाई गईं जनधन, बीमा, वन रैंक वन पेंशन, मुद्रा बैंक, नोटबंदी, जीएसटी आदि योजनाओं का बखान करते हुए कहा कि यह अच्छे दिन नहीं हैं तो क्या हैं।
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amit shah
उन्होंने जनहित की योजनाओं को लेकर पूर्ववर्ती सरकार से भी मौजूदा सरकार की तुलना भी की और कहा कि यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।
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जीएसटी आने के बाद व्यापारी वर्ग जिसमें खासकर मध्यम दर्जे के व्यापारियों की नाराजगी के बाबत पूछने पर शाह ने कहा कि जीएसटी को लेकर जो भी दिक्कतें पेश आ रही हैं, उन्हें जीएसटी काउंसिल में भेजा जा रहा है। कोशिश की जा रही है कि हर दिक्कत का जल्द से जल्द निदान हो सके।
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मंत्रिमंडल विस्तार और दायित्वों के बंटवारे को लेकर भी शाह ने दो टूक कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर पर होना है।
एनएच-74 घोटाले की सीबीआई जांच को लेकर पूछे एक सवाल पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि घपले की निष्पक्ष जांच राज्य स्तर से हो रही है। मकसद असल दोषियों को सामने लाने का है फिर चाहें वो काम एसआईटी करे या सीबीआई।