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National Film Awards: इन खूबियों की वजह से बॉलीवुड का पसंदीदा बनता जा रहा है उत्तराखंड 

Fri, 09 Aug 2019 08:39 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
उत्तराखंड को अब मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवॉर्ड मिलने के बाद प्रदेश में फिल्म शूटिंग की संभावनाएं और भी बढ़ जाएंगी। पीएम नरेंद्र मोदी की बायोपिक से लेकर बाटला हाउस जैसी बड़े बजट की कई फिल्मों की शूटिंग यहां हुई है। लेकिन ये कुछ वजह हैं जो उत्तराखंड को बॉलीवुड का पसंदीदा बना रही हैं। आगे की स्लाइड में जानिए...
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उत्तराखंड में जल्द ही फिल्मों को प्रोत्साहन देने के लिए क्षेत्रीय फिल्म प्रमाणीकरण परिषद का गठन किया जाएगा। इसमें उत्तराखंड में निर्मित फिल्मों, खास तौर पर क्षेत्रीय भाषाओं में निर्मित फिल्मों के प्रमाणीकरण की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। प्रमाणीकरण के बाद क्षेत्रीय फिल्मों को सीजीएसटी लागू होने की तिथि से जमा किए गए सीजीएसटी का 30 फीसदी प्रतिपूर्ति के रूप में दिया जाएगा। प्रमाणीकरण परिषद का गठन राज्य फिल्म विकास परिषद के स्तर पर किया जाएगा।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
फिल्म निर्माण से संबंधित कैमरा, क्रेन, जनरेटर, रिफलेक्टर आदि एसजीएसटी लागू होने की तिथि से पांच वर्ष तक जमा किए गए एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति संबंधित निर्माता कंपनी को की जाएगी। जिन फिल्मों की 75 फीसदी शूटिंग या कुल आउटडोर शूटिंग दिवसों में आधे से अधिक शूटिंग उत्तराखंड में हुई हो, तो उन्हें गुण दोष के आधार पर एसजीएसटी लागू होने की तिथि से जमा किए गए एसजीएसटी के 30 फीसदी की प्रतिपूर्ति की जाएगी।

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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
फिल्म विकास निधि का उपयोग क्षेत्रीय फिल्मों, हिंदी भाषा और अन्य प्रदेशों की भाषा की फिल्मों को अनुदान उपलब्ध कराने में किया जाएगा। इसके अलावा, इस निधि से फिल्म पुरस्कार, फिल्मों के लिए अवस्थापना सुविधाओं का विकास, फिल्मोत्सव, वजीफा आदि पर भी खर्च किया जाएगा। प्रदेश के 600 मीटर से ऊपर के पर्वतीय क्षेत्रों में बंद पडे़ सिनेमाघरों को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार जीएसटी लागू होने की तिथि एक जुलाई 2017 से जमा किए गए एसजीएसटी की 30 फीसदी प्रतिपूर्ति करेगी। 
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर शूटिंग को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक अनुमति की औपचारिकताओं को सिंगल विंडो सिस्टम पर लाया जाएगा। इसमें ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था भी की जाएगी। राज्य सरकार के विभागों के स्तर पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। वन विभाग के स्तर पर तय शूटिंग शुल्क समाप्त होगा। इन स्थितियों के बीच, यदि शूटिंग स्थल पर पहले से कोई पार्किंग व्यवस्था है, तो उसका शुल्क निर्माता को देना होगा। जहां शूटिंग हो रही हो, वहां पर पांच पुलिसकर्मियों को नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ज्यादा संख्या होने पर शुल्क देना होगा।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
सरकार पीपीपी मोड पर चयनित स्थलों पर आवासीय फिल्म कांप्लेक्स बनाएगी। इनमें उच्च आवासीय सुविधाओं के साथ ही तकनीकी स्टाफ  के लिए भी आवासीय प्रबंध होंगे। इसके अलावा, फिल्म यूनिट के आने जाने के लिए लग्जरी बसों और ढुलान के लिए अन्य वाहनों की व्यवस्था आउटसोर्स के माध्यम से कराई जाएगी।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट पूना और सत्यजीत राय फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट कोलकाता में प्रवेश लेने वाले राज्य के मूल निवासियों को प्रति वर्ष 25 हजार का अधिकतम वजीफा दिया जाएगा। फिल्म निर्माण के लिए अनुदान के संबंध में सरकार एक प्राथमिकता सूची तैयार करेगी। गुण दोष के आधार पर अनुदान की व्यवस्था होगी। इसके लिए कुछ औपचारिकताएं निर्धारित की गई हैं। फिल्म की 75 फीसदी शूटिंग का राज्य में किया जाना अनिवार्य होगा। वित्त पोषण फिल्म निर्माण की लागत का 30 फीसदी या फिर डेढ़ करोड़ रूपये, जो भी कम हो, रहेगा।
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